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भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से श्रावस्ती प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में सीमा चौकी भरथा क्षेत्र में स्थित सीमा स्तंभ संख्या 634/7 से जुड़े मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कमांडेंट अमरेंद्र वरुण मौजूद रहे।
अधिकारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्य की शुरुआत कराई। बताया गया कि सीमा स्तंभों की मरम्मत से सीमांकन स्पष्ट होगा और सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। यह कार्य भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी और समन्वय के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी और एसएसबी अधिकारियों ने सुइयां, भरथा, हाकिमपुरवा और तरुशमा सीमा चौकियों का भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों, चौकसी व्यवस्था और जवानों की तैनाती का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने सीमा पर मौजूद जवानों से बातचीत कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग सीमावर्ती गांवों में भी पहुंचीं, जहां उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस मौके पर एसएसबी कमांडेंट अमरेंद्र वरुण ने सीमा पर तैनात जवानों की सराहना करते हुए कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी मुस्तैदी के साथ देश की सुरक्षा में लगे हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सीमा स्तंभों के पुनर्निर्माण से न केवल सीमांकन स्पष्ट होगा बल्कि अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। इस पहल को सीमा सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।