झांसी: राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक प्रतिष्ठित साहित्यिक कार्यक्रम में झांसी के युवा ऐश्वर्य सरावगी ने अपनी सक्रिय भूमिका और उत्कृष्ट योगदान से सभी का ध्यान आकर्षित किया। 29 अप्रैल 2026 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम “कलम की आवाज” के दौरान उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम बुंदेलखंड विकास परिषद एवं द हाउस ऑफ मेमोअर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से साहित्य, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के सफल संचालन में ऐश्वर्य सरावगी ने आयोजन टीम के एक अहम सदस्य के रूप में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनकी मेहनत, समर्पण और पेशेवर कार्यशैली को देखते हुए आयोजकों द्वारा उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों और आयोजकों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इसी क्रम में ऐश्वर्य सरावगी के पिता एवं संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उन्हें भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। बाद में झांसी के झोकन बाग स्थित संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में बुंदेलखंड विकास परिषद और द हाउस ऑफ मेमोअर के सदस्यों द्वारा डॉ. सरावगी को मोमेंटो एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने “कलम की आवाज” को एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने युवाओं की भागीदारी को देश के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाजसेवा और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा।
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