यूपी पुलिस की किस चूक से मिली जमानत?
पति की हत्या के सनसनीखेज आरोपों में फंसी Sonam Raghuvanshi को जमानत मिलने के पीछे सबसे बड़ा कारण पुलिस की गंभीर कानूनी और प्रक्रियात्मक चूक मानी जा रही है। कोर्ट ने साफ कहा कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में हुई गलतियों ने केस को कमजोर किया।
⚠️ सबसे बड़ी गलती: गलत धारा लगाना
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- पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान गलत कानून की धारा (Section 403(1) BNS) का जिक्र किया
- जबकि हत्या का सही सेक्शन 103(1) होना चाहिए था
- हैरानी की बात ये कि 403(1) जैसी कोई धारा अस्तित्व में ही नहीं है
➡️ कोर्ट ने इसे “साधारण टाइपो नहीं, गंभीर कानूनी चूक” माना
⚖️ आरोपी को सही जानकारी नहीं दी गई
- गिरफ्तारी के समय सोनम को यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि उन्हें किस आरोप में पकड़ा गया
- यह उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना गया
➡️ कोर्ट ने कहा कि “effective grounds of arrest” नहीं बताए गए
👩⚖️ वकील तक पहुंच भी नहीं मिली
- शुरुआती पेशी के दौरान यह रिकॉर्ड में नहीं था कि सोनम को वकील की सुविधा दी गई
- इससे वह शुरुआती स्तर पर गिरफ्तारी को चुनौती नहीं दे पाईं
📄 कागजों में बार-बार वही गलती
- गिरफ्तारी मेमो, केस डायरी और अन्य दस्तावेजों में बार-बार वही गलत धारा लिखी गई
➡️ इससे पूरा केस “procedurally flawed” माना गया
🧾 कोर्ट का क्या कहना था?
कोर्ट ने माना कि:
- गिरफ्तारी कानूनी रूप से कमजोर थी
- आरोपी के अधिकारों का पालन नहीं हुआ
- जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं
➡️ इन्हीं कारणों से सोनम को जमानत दी गई, हालांकि केस अभी खत्म नहीं हुआ है
🧨 पूरा मामला क्या है?
- Raja Raghuvanshi की 2025 में हनीमून के दौरान हत्या हुई
- आरोप है कि पत्नी सोनम ने साजिश रचकर हत्या करवाई
- पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया
- लेकिन अब जांच में हुई चूक ने केस की दिशा बदल दी
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