Sunday , March 15 2026

Gandhinagar Junction Upgrade : उन्नाव में गांधीनगर तिराहे का होगा कायाकल्प, डीएम ने निरीक्षण कर दिए ट्रैफिक सुधार के निर्देश

उन्नाव: शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहों में से एक गांधीनगर तिराहा जल्द ही एक नए रूप में नजर आएगा। यहां सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्याकरण का व्यापक कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी गौरांग राठी ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर विशेष जोर

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि गांधीनगर तिराहा शहर के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। मौजूदा स्थिति में सड़क संकरी होने और अनियोजित पार्किंग के कारण यहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस क्षेत्र की री-इंजीनियरिंग करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सड़क को चौड़ा किया जा रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी।

क्षेत्र का होगा व्यापक सौंदर्याकरण

परियोजना के तहत केवल सड़क चौड़ीकरण ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का सौंदर्याकरण भी किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि चौराहे के आसपास के इलाके को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

इसमें आधुनिक डिजाइन के फुटपाथ, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था और यातायात संकेतक लगाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।

पैदल यात्रियों और दुकानदारों के लिए विशेष व्यवस्था

प्रशासन ने इस परियोजना में आम नागरिकों की सुविधा को भी विशेष महत्व दिया है। इसके तहत पैदल चलने वाले लोगों के लिए पेडेस्ट्रियन वॉकवे तैयार किया जा रहा है, जिससे वे सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें।

इसके अलावा सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए वेंडिंग जोन विकसित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि फल और सब्जी बेचने वाले दुकानदारों के लिए लगभग 50 मीटर की दूरी पर एक विशेष वेंडिंग एरिया बनाया गया है।

यहां एक ऊंचा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिस पर दुकानदार व्यवस्थित तरीके से अपनी दुकानें लगा सकेंगे। इसके साथ ही नगरपालिका द्वारा यहां साफ-सफाई, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग बे

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए परियोजना में ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए अलग-अलग बे बनाए जा रहे हैं। इससे इन वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लगेगी और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी।

इसके साथ ही निजी वाहनों के लिए भी अलग से पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि सड़क पर अनावश्यक भीड़भाड़ न हो।

जल निकासी के लिए बन रहा नाला

गांधीनगर तिराहे के आसपास बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या भी सामने आती रही है। इस समस्या के समाधान के लिए परियोजना के तहत एक मजबूत नाला निर्माण का कार्य भी कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जल निकासी की उचित व्यवस्था होने से बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा नहीं होगा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

गोलचक्कर का होगा विशेष विकास

गांधीनगर तिराहे पर बने गोलचक्कर को भी आकर्षक और आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि इस गोलचक्कर को उन्नाव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

उन्नाव को ‘कलम और तलवार की भूमि’ के रूप में जाना जाता है। इसी ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए गोलचक्कर के लिए एक विशेष थीम तैयार की जाएगी, जिससे शहर की सांस्कृतिक विरासत भी प्रदर्शित हो सके।

चार महीने से चल रहा है निर्माण कार्य

जिलाधिकारी ने बताया कि इस परियोजना पर पिछले लगभग चार महीनों से लगातार कार्य चल रहा है। परियोजना का दायरा काफी बड़ा होने के कारण इसमें कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता पड़ी।

प्रशासन ने अस्थायी और स्थायी दोनों प्रकार के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है, ताकि सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों को सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।

प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक स्थान भी चिन्हित किए गए हैं, ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि चौराहे के आसपास अस्थायी रूप से पंचर या अन्य छोटी दुकानें चलाने वाले लोगों को हटाया जाएगा, क्योंकि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ जाती है।

ऐसे लोगों के लिए कब्बा खेड़ा जैसे स्थानों पर उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जहां वे अपना व्यवसाय जारी रख सकेंगे।

प्रशासन की प्राथमिकता: बेहतर शहर

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि गांधीनगर तिराहे का विकास पूरा होने के बाद यह स्थान न केवल यातायात के लिहाज से बेहतर होगा बल्कि शहर की सुंदरता और पहचान को भी नई दिशा देगा।

Check Also

Citizen Grievance Redressal-जालौन में एसपी की वर्चुअल जनसुनवाई, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में पुलिस प्रशासन आम लोगों की समस्याओं के समाधान को …