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Farmer Death Protest : तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से किसान की दर्दनाक मौत, पंचानन चौराहे पर घंटों जाम से मचा हंगामा

जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। पंचानन चौराहे पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार किसान को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई घंटे तक चले इस जाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को शांत कराने में जुटे रहे।

हादसे की पूरी कहानी

जानकारी के अनुसार, कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भदेवरा निवासी 50 वर्षीय किसान संजीव पटेल उर्फ बबलू मंगलवार की शाम करीब 7 बजे अपनी बाइक से कोंच बाजार से अपने गांव लौट रहे थे। जब वह पंचानन चौराहे के पास पहुंचे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और किसान कुछ मीटर दूर जाकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने जब तक उन्हें उठाया, उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही आस-पास के लोग और भदेवरा गांव के ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। कुछ ही देर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पंचानन चौराहे पर पहुंच गए और सड़क को जाम कर दिया।


ग्रामीणों का आक्रोश – “यह हादसा नहीं हत्या है”

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रैक्टर चालक नशे में था और बेहद लापरवाही से वाहन चला रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह महज सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही से की गई हत्या है, इसलिए पुलिस को हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज करना चाहिए।

मौके पर माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा था। भीड़ ने पंचानन चौराहे को पूरी तरह से घेर लिया था, जिससे जाम कई किलोमीटर तक फैल गया। राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति

सूचना मिलते ही सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद और कोतवाल बृजेश बहादुर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक आरोपी चालक को गिरफ्तार नहीं किया जाता और हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज नहीं होता, वे जाम नहीं हटाएंगे।

करीब दो घंटे तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक चलती रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने आखिरकार मृतक के परिजनों से बातचीत कर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया। साथ ही, ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया।


गांव में पसरा मातम – परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

किसान संजीव पटेल की मौत की खबर जैसे ही भदेवरा गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक के घर पर कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। संजीव पटेल अपने पीछे तीन बेटियां छोड़ गए हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है, जबकि एक की अभी पढ़ाई चल रही है। परिजनों ने बताया कि परिवार की आजीविका केवल दो बीघा खेती पर निर्भर थी।

ग्रामीणों का कहना है कि संजीव पटेल मेहनती और ईमानदार किसान थे, जो हर दिन खेती-किसानी के कामों में लगे रहते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार ही नहीं, पूरा गांव स्तब्ध है।


पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

पुलिस ने घटनास्थल से शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि ट्रैक्टर चालक की पहचान की जा चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

कोतवाल बृजेश बहादुर सिंह ने कहा कि हादसे में किसान की मौत एक दुखद घटना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कानून अपने हिसाब से काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।


स्थानीय नेताओं ने की आर्थिक मदद की मांग

घटना के बाद कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मृतक के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतक परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मृतक किसान के परिजनों को उचित मुआवजा और बेटी की पढ़ाई के लिए सहायता प्रदान करनी चाहिए।


सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचानन चौराहा क्षेत्र में लगातार भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन न तो सड़क पर स्पीड ब्रेकर हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की कोई नियमित तैनाती। कई बार शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

ग्रामीणों ने मांग की कि चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि इस तरह की घटनाओं की निगरानी की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की भी अपील की।


प्रशासन का बयान

इस मामले में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। जिलाधिकारी कार्यालय से यह भी बताया गया कि आपदा राहत कोष से मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं।


ग्रामीणों की चेतावनी

हालांकि जाम तो हटा लिया गया, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि “जब तक दोषी चालक जेल नहीं जाएगा, तब तक हम शांत नहीं बैठेंगे।”

पंचानन चौराहे पर हुई यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि लापरवाही और तेज रफ्तार किस तरह एक निर्दोष की जान ले लेती है। एक मेहनती किसान का परिवार अब अनिश्चित भविष्य के सामने खड़ा है। प्रशासनिक कार्रवाई और न्याय की उम्मीद में ग्रामीणों की निगाहें अब पुलिस पर टिकी हैं।जालौन के पंचानन चौराहे पर हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सड़क सुरक्षा की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है। किसान संजीव पटेल की मौत केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज की चेतना को झकझोरने वाली घटना बन गई है।

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