
बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश – रामघाट क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय आयोजकों के बीच विवाद ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में रामघाट पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात, डॉ. तेजवीर सिंह को जांच सौंपी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद मां वीरांगना अवंतिका बाई लोधी के जन्मदिवस के अवसर पर रामघाट में निकाली गई यात्रा के दौरान उत्पन्न हुआ। यात्रा में शामिल कुछ लोगों ने तलवारें लहराते हुए जुलूस निकाला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
पुलिस का कहना है कि यात्रा बिना अनुमति के निकाली गई थी और जुलूस में तलवार लहराना कानून के खिलाफ है। पुलिस ने आयोजक को थाने बुलाकर समझाया और हिदायत दी, जिसके बाद यात्रा को आगे बढ़ाया गया।
दूसरी ओर, आयोजकों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और अनुचित कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो में इसी आरोप का समर्थन करते दृश्य देखे जा सकते हैं।
डॉ. तेजवीर सिंह, एसपी देहात ने मामले पर कहा, “हम मामले की जांच कर रहे हैं। कानून और व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। बिना अनुमति यात्रा निकालना और जुलूस में हथियार लहराना दोनों ही कानून के खिलाफ हैं। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना क्षेत्र में प्रशासन और नागरिकों के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक भी बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण स्थिति और जटिल हो गई है, और प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
यह मामला बुलंदशहर में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी दिनों में एसपी देहात की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने की संभावना है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस हद तक बढ़ा और जिम्मेदार कौन हैं।




