समुद्र में कम हो रही ऑक्‍सीजन, 64 साल में स‍तह पर 6 गुना तक बढ़ा प्रदूषण

जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र में ऑक्सीजन की कमी होती जा रही है। इसका पानी लगातार एसिडिक होता जा रहा है, जिस वजह से समुद्र की सतह पर तेजी से तापमान बढ़ रहा है। समुद्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण महासागर के जीवों, मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वालों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। कहा जा रहा है, इस वजह से मछली उत्पादन के केंद्र भी बदल जाएंगे।

जापान और चीन में बढ़ रहा खतरा
स्विजरलैंड के ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के रिसर्चर जोल वांग ने ये सब देखते हुए जापान और चीन को लेकर डर जाहिर किया है। उन्होंने कहा, जापान और चीन जैसे कई देशों के तटीय इलाकों में मछलियों की कमी होने लगेगी। बढ़ते तापमान की वजह से मछलियां समुद्र में स्थाई प्रवास करेंगी। इसका एक कारण इंसानी गतिविधियां भी हैं, जगह जगह पर जंगल का जलना, कूढ़े-कचरे के ढेर ने गर्मी को बढ़ावा दिया है। रिसर्चर जोल वांग आगे कहते हैं, अगर ऐसा ही रहा तो आने वाली स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा। धरती के 20 प्रतिशत हिस्से में समुद्र की हालत बहुत बेकार होती जा रही है।

आईयूसीएन ने भी जारी की थी चेतावनी
वहीं इससे पहले अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने भी ऑक्सीजन की कमी पर चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा था, कि दुनियाभर में 700 स्थानों की पहचान की गई है, जहां ऑक्सीजन की मात्रा कम है। वहीं उससे पहले 1960 में ऐसे केवल 45 स्थान थे, जहां ऑक्सीजन की कमी है। फिर धीरे-धीरे बढ़कर ऐसे स्थानों की संख्या चार गुना हो गई है। वहीं रिसर्च के मुताबिक, अब ये 1960 के मुकाबले 6 गुना ज्यादा हो गया है। जहां पर ऑक्सीजन की मात्रा बिल्कुल नहीं है। समुद्री जीव गर्म तापमान, अत्यधिक मछली पकड़ने और प्लास्टिक प्रदूषण का सामना कर रहे हैं।

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