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नौसेना अधिकारी विनय नरवाल के घर पहुंचे राहुल गांधी, परिवार से की मुलाकात, बांटा दुख

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुलाकात की। राहल गांधी ने विनय नरवाल के शोकाकुल परिवार से मिलकर उनका दुख बांटा और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि अपार दुख में भी उनका हौसला और साहस देश के लिए एक संदेश है कि हमें एकजुट रहना है। पूरा देश शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है।

कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को करनाल में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार से मुलाकात की। राहुल गांधी करीब 2 घंटे तक परिवार के साथ रहे। इसके आलावा कई कोंग्रेसी नेता भी उनके साथ थे। नौसेना के लेफ्टिनेंट नरवाल की 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने हत्या कर दी थी। राहुल गांधी आज दोपहर करनाल पहुंचे। नरवाल के करनाल स्थित आवास पर रोहतक से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद थे। राहुल गांधी के साथ पूर्व सैनिको ने भी परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इस मुलाकात का मकसद सिर्फ उनके परिवार को सांत्वना देना और हमारा एकमात्र उद्देश्य विनय नरवाल को श्रद्धांजलि देना था।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने इसकी जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दी। एक्स पर पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, ‘पहलगाम हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के शोकाकुल परिवार से मिलकर उनका दुख बांटा और उन्हें सांत्वना दी। अपार दुख में भी उनका हौसला और साहस देश के लिए एक संदेश है कि हमें एकजुट रहना है। पूरा देश शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है। सरकार को विपक्ष का पूरा समर्थन है। गुनहगारों को ऐसी सजा मिले कि कोई हिन्दुस्तान की ओर आंख उठाने की जुर्रत न करे। पीड़ित परिवारों के साथ पूरा देश आज इंसाफ का इंतजार कर रहा है।

क्या बोले विनय नरवाल के पिता?

करनाल के रहने वाले विनय नरवाल का पिछले महीने पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पिता राजेश नरवाल और मामा ने सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया। शहीद के पिता राजेश नरवाल ने सरकार पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार न्याय करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह नुकसान असहनीय और अपूरणीय है।

पहलगाम आतंकी हमले में हुए थे शहीद

लेफ्टिनेंट विनय नरवाल 26 साल के थे। वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। हरियाणा के करनाल निवासी विनय कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान में तैनात थे। उनकी शादी 16 अप्रैल 2025 को हिमांशी के साथ हुई थी। विनय नरवाल छुट्टी पर जम्मू-कश्मीर गए थे। बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें विनय समेत 26 लोग मारे गए थे।

50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और नौकरी की घोषणा

बता दें कि एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने भी करनाल में नरवाल के परिवार की ओर से आयोजित ‘श्रद्धांजलि सभा’ में उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

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