
जनपद कानपुर देहात के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत के कारण किसान काफी परेशान हैं। धान, बाजरा और मक्का की फसलें खेतों में खड़ी होने के बावजूद यूरिया खाद न मिलने के कारण तेजी से बर्बाद हो रही हैं।
किसान बताते हैं कि प्राइवेट दुकानों और सरकारी समितियों दोनों में अनुदानित यूरिया खाद की कमी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। कई किसान अपने खेतों में बटाई बलकट लेकर भी यूरिया खाद नहीं जुटा पा रहे हैं।
सरकारी समितियों में यूरिया खाद के लिए किसानों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं, लेकिन पिछले एक हफ्ते से किसानों को अपनी जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल रही है। यह स्थिति ब्लॉक संदलपुर क्षेत्र के उरसान गाँव में सरकारी समिति में सबसे ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही यूरिया खाद की आपूर्ति नहीं हुई तो उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं, जिससे उनकी आय पर गंभीर असर पड़ेगा।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि खाद की आपूर्ति जल्द ही नियमित करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल किसानों की नाराजगी और परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं।
किसानों की मांग है कि उन्हें समय पर यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए ताकि उनकी फसलें बर्बाद न हों और उनका मेहनताना सुरक्षित रहे।




