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एससी एसटी एक्ट केस: पुलिस ने रिश्वतखोर को रंगे हाथ पकड़ा

सरकारी कर्मचारी से एससी एसटी एक्ट में समझौते के नाम पर एक लाख रुपये लेते आरोपी को पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी इस मामले में समझौते व शपथपत्र देने के नाम पर ढाई लाख रुपये की मांग कर रहा था। जिनमें से एक लाख रुपये आरोपी पहले ले चुका था। दोबारा एक लाख रुपये मांगे तो पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर पूरे मामले का जाल बिछाया और आरोपी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।          

पुलिस को दी शिकायत में नोहरा गांव निवासी कमल कुमार ने बताया कि वह सरकारी विभाग में कार्यरत है। शक्ति नगर निवासी अमित रंगा ने उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमें में फैसला करने व शपथ पत्र देने बारे आरोपी ने ढाई लाख रुपये मांगे। उसने पांच नवंबर को एक लाख रुपये दे दिए। जिसकी उसने मोबाइल में वीडियो भी बनाई थी। आरोपी अब दोबारा उससे एक लाख रुपये की मांग कर रहा था। सात नवंबर को एक लाख रुपये मॉडल टाउन में देना तय हुआ। उसने मामले की शिकायत पुराना औद्योगिक थाना पुलिस को दी। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट जिला कल्याण अधिकारी जयपाल हुड्डा को नियुक्त कराया। उसके बाद जाल बिछाकर आरोपी को मॉडल टाउन में एक लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।         

इस तरह बिछाया गया जाल

पीड़ित कमल ने एक लाख रुपये में 50-50 हजार की 500-500 के नोटों की दो गड्डी तैयार की। दोनों गड्डियों में से एक-एक नोट पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने हस्ताक्षर कर पीड़ित कमल कुमार को दिया।  दोनों नोट के नंबर 1KH084177 व 1SS460746 है। पीड़ित कमल के साथ पुलिस हाली पार्क के पास पहुंची। पीड़ित की फॉर्च्यूनर गाड़ी को वहीं पर खड़ा किया गया। पीड़ित कमल को बताया कि जब आरोपी उससे पैसे ले ले तो वह गाड़ी की पार्किंग लाइट जलाकर इशारा करे। कुछ देर बाद आरोपी अमित आया और गाड़ी में बैठकर उसने रुपये लिए। कमल ने लाइट जलाकर इशारा किया, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक लाख रुपये बरामद किए।

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