बुलंदशहर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में बुलंदशहर जिले का लाल, भारतीय सेना के जांबाज जवान प्रभात गौड़ शहीद हो गया। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में मातम छा गया है।
प्रभात गौड़ मूल रूप से नरसेना थाना क्षेत्र के गांव पाली आनंदगढ़ी के रहने वाले थे। वे भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) के पद पर तैनात थे। शनिवार देर रात मिली सूचना के अनुसार श्रीनगर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान प्रभात गौड़ ने अदम्य साहस का परिचय दिया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहादत प्राप्त की।
आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर
सेना की ओर से जानकारी दी गई है कि शहीद का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव पाली आनंदगढ़ी पहुंचाया जाएगा। गांव और आसपास के इलाकों में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी है। हर कोई अपने वीर सपूत की एक झलक पाने को बेताब है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रभात गौड़ शुरू से ही बेहद मिलनसार और जिंदादिल इंसान थे। उनकी शहादत से पूरे गांव में गहरा दुख है, लेकिन गर्व भी है कि गांव का बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ।
परिजनों की आंखों में गर्व और आंसू
शहीद के घर पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता और भाइयों ने बताया कि प्रभात गौड़ बचपन से ही भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते थे और यह सपना उन्होंने पूरा भी किया। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शहादत पूरे गांव और जिले के लिए गर्व की बात है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएं
हिमांशु गौड़ (भतीजा) ने कहा—
“चाचा हमेशा हमें हिम्मत और हौसले की बातें सिखाते थे। वे कहते थे कि देश से बढ़कर कुछ नहीं है। उनकी शहादत हम सबके लिए प्रेरणा है।”
सुभाष (पड़ोसी) ने बताया—
“प्रभात जी गांव में सभी के प्रिय थे। हर किसी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनका जाना पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति है।”
इलाके में गहरा शोक, लेकिन गर्व भी
शहीद प्रभात गौड़ की शहादत की खबर जैसे ही गांव और जिले में पहुंची, लोगों की आंखें नम हो गईं। बुलंदशहर का यह लाल अब तिरंगे में लिपटकर अपने गांव लौटेगा। ग्रामीणों ने कहा कि देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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