
वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। बुधवार को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद शुक्रवार को एक बार फिर देश के उत्तरी तट के पास भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई। राजधानी काराकास और माराके सहित कई इलाकों में झटके महसूस होते ही लोग दहशत में घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण राहत और बचाव कार्य में भी भारी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

समाचार एजेंसियों AP और PTI की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को आए विनाशकारी भूकंप में अब तक 1,430 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग घायल हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं, लेकिन बार-बार आने वाले झटकों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को वेनेजुएला में लगातार दो शक्तिशाली भूकंप आए थे, जिन्हें पिछले 125 वर्षों का सबसे भीषण भूकंप माना जा रहा है। इस आपदा ने राजधानी काराकास समेत कई शहरों में भारी तबाही मचाई है। अनेक बहुमंजिला इमारतें पूरी तरह ढह गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई रिहायशी इलाके मलबे में तब्दील हो गए। हजारों परिवारों ने अपने घर, संपत्ति और अपनों को खो दिया है।
भूकंप के बाद सबसे मार्मिक दृश्य मलबे के बीच अपने परिजनों की तलाश करते लोगों के हैं। कई परिवारों का अब तक अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। राहतकर्मी आधुनिक उपकरणों और खोजी टीमों की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि स्थानीय नागरिक भी बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) का अनुमान है कि इस आपदा में मृतकों और घायलों की कुल संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है। अब तक 3,360 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि 172 से अधिक लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। वेनेजुएला सरकार के मुताबिक, लापता लोगों की संख्या 50,000 से अधिक पहुंच चुकी है। ऐसे में मृतकों का आंकड़ा आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
देशभर में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ सेना, पुलिस और अंतरराष्ट्रीय राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है।




