
गंगटोक/नामची: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण लैंडस्लाइड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से कई मजदूर अंदर फंस गए। अब तक राहत और बचाव दल 10 लोगों के शव बाहर निकाल चुके हैं, जबकि अधिकारियों के मुताबिक करीब 27 लोगों के सुरंग में फंसे होने की आशंका है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह संख्या बचाव अभियान के दौरान बदल भी सकती है।

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। केंद्र और राज्य सरकार की कई एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए जारी है रेस्क्यू
नामची की पुलिस अधीक्षक (SP) सोनम डोलमा ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद प्रशासन, पुलिस, NDRF और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत अभियान शुरू कर दिया। शुरुआती आकलन के अनुसार सुरंग के अंदर लगभग 27 लोग मौजूद थे। अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं और अधिकांश की पहचान कर ली गई है। हालांकि तीन शवों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन मृतकों के परिजनों से लगातार संपर्क कर रहा है ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव उन्हें सौंपे जा सकें।
कई राज्यों के मजदूर हादसे का शिकार
प्रशासन के अनुसार जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उनमें तीन पश्चिम बंगाल, एक उत्तराखंड, एक असम और एक सिक्किम के नामची जिले का स्थानीय निवासी शामिल है। अन्य मृतकों की पहचान के लिए दस्तावेजों और परिजनों की मदद ली जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सुरंग में काम कर रहे मजदूर अलग-अलग राज्यों से आए थे, इसलिए सभी राज्यों के प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
हादसे की वजह पर जांच के बाद होगा खुलासा
एसपी सोनम डोलमा ने कहा कि फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह बताना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञों की टीम पूरे घटनाक्रम की तकनीकी जांच करेगी। उन्होंने कहा कि इस समय प्रशासन की पहली प्राथमिकता फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और राहत कार्य को तेज करना है।
उन्होंने बताया कि सुरंग के भीतर लगातार पानी भर रहा है, जिससे बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। भारी बारिश के कारण मशीनों और रेस्क्यू टीमों को भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
NDRF समेत कई एजेंसियां मौके पर तैनात
हादसे के बाद राज्य सरकार ने सभी संबंधित एजेंसियों को मौके पर तैनात कर दिया है। पाकयोंग और सिलीगुड़ी से NDRF की अतिरिक्त टीमें घटनास्थल पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा सिक्किम पुलिस, फायर सर्विस, सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA), स्थानीय प्रशासन और अन्य विभाग संयुक्त रूप से राहत अभियान चला रहे हैं।
रंगपो, पाकयोंग और सिंगतम की स्थानीय पुलिस सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंची और शुरुआती राहत कार्य शुरू किया। अब आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञों की मदद से सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री से की बातचीत
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने बचाव कार्यों की समीक्षा की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान को सफल बनाने के लिए हर जरूरी सहयोग उपलब्ध कराएगी।
मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।
अमित शाह ने भी लिया हालात का जायजा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।
गृह मंत्री ने राज्य सरकार को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार बचाव अभियान और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।
मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
अधिकारियों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सुरंग के भीतर पानी भरने और मिट्टी धंसने की वजह से रेस्क्यू अभियान बेहद कठिन हो गया है। बावजूद इसके बचाव दल बिना रुके अभियान चला रहे हैं।
प्रशासन ने आसपास के लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। वहीं पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




