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श्रावस्ती में इंटरस्टेट नकली नोट गैंग का भंडाफोड़: सोशल मीडिया के ज़रिए चलता था जाली करेंसी का कारोबार, ₹1.19 लाख के नकली नोट बरामद!

श्रावस्ती।
देश में नकली करेंसी के कारोबार पर लगातार सख्ती के बावजूद जाली नोटों का नेटवर्क दिन-ब-दिन अपने पांव पसारता जा रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती ज़िले से एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने सोशल मीडिया के ज़रिए संचालित एक अंतरराज्यीय नकली नोट गैंग का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क का संचालन फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से किया जा रहा था, जिसके ज़रिए आरोपी देशभर में नकली नोटों की सप्लाई करता था।


सोशल मीडिया बना जाली नोट कारोबार का जरिया

श्रावस्ती पुलिस, SOG, चंडीगढ़ पुलिस और SSB की संयुक्त कार्रवाई में इस गैंग का खुलासा हुआ। पुलिस ने थाना हरदत्तनगर गिरन्ट क्षेत्र में छापेमारी करते हुए 500 रुपये के कुल 239 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत ₹1,19,500 बताई जा रही है।
मौके से पुलिस ने दुकान संचालक शिवा गुप्ता को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक के माध्यम से जाली नोटों का कारोबार चला रहा था। आरोपी सोशल मीडिया पर गुप्त ग्रुप्स और पेजों के ज़रिए खरीदारों से संपर्क करता था और फिर नकली करेंसी को कोरियर के माध्यम से डिलीवर किया जाता था।


राजस्थान, पंजाब से लेकर नेपाल बॉर्डर तक फैला नेटवर्क

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिवा गुप्ता का नेटवर्क राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला हुआ था।
आरोपी नेपाल बॉर्डर के रास्ते नकली नोटों की सप्लाई चेन तैयार कर चुका था। यह रैकेट इतना संगठित था कि विभिन्न राज्यों में इसके डिस्ट्रीब्यूटर और एजेंट तक सक्रिय थे, जो नोटों की डिलीवरी और लेनदेन को संभालते थे।


संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ पुलिस से मिले खुफिया इनपुट के बाद स्थानीय और केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट हुईं। इसके बाद श्रावस्ती पुलिस, चंडीगढ़ पुलिस, SOG और SSB की टीमों ने संयुक्त छापेमारी की और आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुँचा जा सके। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से यह गोरखधंधा कर रहा था और कई बार फेक प्रोफाइल्स बनाकर फेसबुक पर खरीदारों से संपर्क करता था।


FIR दर्ज, जांच जारी

मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR संख्या 21/2025 दर्ज की है। उस पर धारा 178, 179, 180 BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिली हैं, जिनके आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।


SP राहुल भाटी बोले — “पूरे नेटवर्क की तह तक जाएंगे”

श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने बताया —

“चंडीगढ़ पुलिस से मिले इनपुट के बाद हमने तत्काल संयुक्त कार्रवाई की। आरोपी शिवा गुप्ता सोशल मीडिया के माध्यम से जाली नोटों का नेटवर्क चला रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह रैकेट कई राज्यों में सक्रिय था। हम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर रहे हैं। किसी भी सूरत में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”


नकली करेंसी का संगठित नेटवर्क बन रहा खतरा

श्रावस्ती में इस गैंग के खुलासे ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि नकली करेंसी का कारोबार अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है।
तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दे रहे हैं।
फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि नकली नोटों के इस कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके।

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