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Encroached Land Cleared : संभल में राजस्व प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, लगभग 2 करोड़ की 39 बीघा पशुचर भूमि कराई कब्जा मुक्त

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जनपद में राजस्व प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अवैध कब्जा हटाओ अभियान के तहत तहसील संभल के राजस्व ग्राम मन्नीखेडा में पशुचर (चरागाह) की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। इस कार्रवाई में लगभग 39 बीघा भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है, को कब्जा मुक्त कराया गया।

यह कार्रवाई नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और आसपास के लोगों में चर्चा का विषय बन गया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई कार्रवाई

संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने जनपद में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी का स्पष्ट कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इन्हीं निर्देशों को ध्यान में रखते हुए संभल राजस्व प्रशासन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को मन्नीखेडा गांव में राजस्व विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पशुचर भूमि को मुक्त कराया।

राजस्व टीम और पुलिस बल की मौजूदगी

इस अभियान में नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम सक्रिय रही। टीम में राजस्व निरीक्षक योगेन्द्र सिंह, राजस्व निरीक्षक चन्द्रपाल, लेखपाल मनोज कुमार और लेखपाल मयूरी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले भूमि का चिन्हांकन किया और अभिलेखों के आधार पर यह सुनिश्चित किया कि संबंधित भूमि सरकारी पशुचर भूमि है। इसके बाद अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।

कई लोगों ने कर रखा था अवैध कब्जा

जांच के दौरान सामने आया कि राजस्व ग्राम मन्नीखेडा में स्थित कई गाटा नंबरों की पशुचर भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से खेती की जा रही थी।

जानकारी के अनुसार गाटा संख्या 1266 / 1.587 हेक्टेयर पशुचर भूमि पर विजय पुत्र गंगाराम द्वारा सरसों और गेहूं की फसल बोई गई थी। वहीं धीरज, नीरज और रनवीर पुत्र नौबत ने भी इसी भूमि के कुछ हिस्से पर अवैध रूप से गेहूं की फसल उगा रखी थी।

इसके अलावा गाटा संख्या 1339 / 0.324 हेक्टेयर पशुचर भूमि पर भी धीरज, नीरज और रनवीर पुत्र नौबत द्वारा ईंख (गन्ना) की फसल बोकर कब्जा किया गया था।

वहीं गाटा संख्या 1267 / 0.660 हेक्टेयर भूमि पर सुरेश और जयसिंह पुत्र नन्हे तथा राकेश पुत्र लीलाधर द्वारा अवैध कब्जा करते हुए गेहूं और मक्का की फसल बो रखी थी।

चिन्हांकन के बाद हटाया गया कब्जा

राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले भूमि का विस्तृत चिन्हांकन किया और यह सुनिश्चित किया कि संबंधित भूमि पशुचर भूमि के रूप में दर्ज है। इसके बाद प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

अधिकारियों के अनुसार मन्नीखेडा गांव में कुल लगभग 80 बीघा पशुचर भूमि दर्ज है, जिसमें से करीब 39 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए इस भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया।

राजस्व विभाग के अनुसार मुक्त कराई गई इस भूमि की बाजार कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।

ग्रामीणों में प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चा

राजस्व प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में इसकी चर्चा होने लगी। कई ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को सराहनीय बताया और कहा कि सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना बेहद जरूरी है।

ग्रामीणों का कहना है कि पशुचर भूमि गांव के पशुओं के चरने के लिए आरक्षित होती है, लेकिन कई जगहों पर लोग इस भूमि पर कब्जा कर खेती करने लगते हैं, जिससे गांव के पशुपालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान

जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जनपद में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमित रूप से ऐसे मामलों की जांच की जाए और जहां भी अवैध कब्जा मिले, उसे तुरंत हटाया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी भूमि का सही उपयोग हो और उसे अवैध कब्जों से मुक्त रखा जाए। यदि भविष्य में भी किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने दी चेतावनी

राजस्व अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे सरकारी भूमि पर कब्जा करने से बचें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कब्जा हटाने के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

फिलहाल राजस्व विभाग द्वारा जनपद में ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

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