Friday , March 20 2026

Road Rage Case: नवजोत सिंह सिद्धू ने सरेंडर के लिए SC से मांगा समय

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रोड रेज मामले में सरेंडर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय देने का अनुरोध किया है. जस्टिस ए एम खानविलकर की बेंच ने कहा कि, सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस एन वी रमना से अनुरोध करें. सिद्धू के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने स्वास्थ्य कारणों से समर्पण के लिए कुछ हफ्तों का समय देने का अनुरोध किया है.

27 महीने बाद जेल के बाहर आए आज़म खान का जोरदार स्वागत, अखिलेश यादव बोले- झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं!

चीफ जस्टिस ने अभी किसी भी मामले की मेंशनिंग सुनने से मना किया है. ऐसे में हो सकता है मामला 2 बजे मेंशन हो. CJI की कोर्ट में अभी जल्द रिटायर होने जा रहे जस्टिस नागेश्वर राव का सम्मान कार्यक्रम चल रहा है.

रोड रेज मामले में एक साल के कारावास की सजा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नवजोत सिद्धू को 1988 के रोड रेज मामले में एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. इस घटना में 65 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. शीर्ष अदालत ने कहा था कि कम सजा देने के लिए किसी भी तरह की सहानुभूति न्याय प्रणाली को अधिक नुकसान पहुंचाएगी और कानून के प्रभाव को लेकर जनता के विश्वास को कमजोर करेगी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता सिद्धू ने ट्वीट किया था, कानून का सम्मान करूंगा.

West Bengal SSC Scam: ममता बनर्जी ने BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग करने का लगाया आरोप

सिद्धू और उनके सहयोगी रुपिंदर सिंह संधू 27 दिसंबर, 1988 को पटियाला में शेरांवाला गेट क्रॉसिंग के पास एक सड़क के बीच में खड़ी एक जिप्सी में थे. उस समय गुरनाम सिंह और दो अन्य लोग पैसे निकालने के लिए बैंक जा रहे थे.

जब वे चौराहे पर पहुंचे तो मारुति कार चला रहे गुरनाम सिंह ने जिप्सी को सड़क के बीच में पाया और उसमें सवार सिद्धू और संधू को इसे हटाने के लिए कहा. इससे दोनों पक्षों में बहस हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई. गुरनाम सिंह को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई.

दिल्ली की ‘योगशाला योजना’ नागरिकों को फ्री में देगी योगा क्लास, जानें डिटेल और ऑनलाइन आवेदन का तरीका

Check Also

awareness against child marriage-औरैया में प्रशासन की कार्रवाई, नाबालिग लड़का-लड़की की शादी रुकवाई

उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रशासन की …