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रायबरेली: दलित युवक की सरेआम पिटाई का वीडियो वायरल, तीन आरोपी गिरफ्तार — पुलिस ने दिखाया एक्शन, दो को भेजा जेल

रायबरेली, उत्तर प्रदेश:
भदोखर थाना क्षेत्र के बेलाखारा गांव में दलित युवक की सरेआम पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। वायरल वीडियो में कुछ युवक एक दलित व्यक्ति को बेरहमी से पीटते और जातिसूचक टिप्पणियां करते हुए नजर आ रहे हैं। घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया और पुलिस प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 22 अक्टूबर की है, जब गांव के रहने वाले अवधराम किसी दुकान से सामान लेने जा रहे थे। रास्ते में गांव के ही तीन युवक — तरुण लाला, अनुराग उर्फ अतुल सिंह और पुरिखा — ने उन्हें रोक लिया। बताया जा रहा है कि पहले मामूली कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तीनों आरोपी अवधराम को लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीट रहे हैं। इस दौरान उनके द्वारा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया, जिससे पीड़ित की अस्मिता को ठेस पहुंची।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इलाके में आक्रोश फैल गया। लोगों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलते ही भदोखर थाने की पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए वीडियो की जांच शुरू की और नामजद तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

तीन आरोपी हिरासत में, दो को जेल भेजा गया

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद तरुण लाला और अनुराग उर्फ अतुल सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी पुरिखा से पूछताछ अभी जारी है।
पुलिस ने बताया कि मामले में एससी/एसटी एक्ट, मारपीट और शांति भंग से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस की सख्त चेतावनी

इस घटना पर सीओ सिटी अरुण कुमार नौहवार ने कहा —

“किसी भी कीमत पर जातीय सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। वहीं, प्रशासन ने निगरानी बढ़ाते हुए सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली पोस्टों पर भी सख्त नजर रखने की बात कही है।

स्थानीय लोगों में रोष

गांव के लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज को बांटने का काम करती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि आरोपियों को कड़ी सज़ा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।

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