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Illegal Infiltration Protest : उरई में संदिग्ध लोगों को लेकर बवाल, बांग्लादेशी घुसपैठ के आरोप पर सड़कों पर उतरे लोग

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के उरई शहर में संदिग्ध लोगों के रहने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शहर के उमरारखेड़ा इलाके में रहने वाले कुछ लोगों पर बाहरी और बांग्लादेशी रोहिंग्या होने का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र होकर जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इलाके में रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान की जाए और यदि वे अवैध रूप से रह रहे हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


उमरारखेड़ा इलाके से शुरू हुआ विवाद

मामला उरई शहर के उमरारखेड़ा इलाके का बताया जा रहा है, जहां कुछ समय से बाहरी लोगों के रहने को लेकर स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ता जा रहा था।

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कुछ ऐसे लोग यहां रह रहे हैं जिनकी पहचान स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक वे लोग न तो किसी स्थायी काम-धंधे में दिखाई देते हैं और न ही उनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि ये लोग अक्सर महंगी मोटरसाइकिलों पर घूमते नजर आते हैं, जिससे इलाके के लोगों में संदेह और बढ़ गया है।


बच्चों से भीख मंगवाने और हुड़दंग के आरोप

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इन संदिग्ध लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ लोग बच्चों से भीख मंगवाते हैं और रात के समय शराब और मुर्गे की पार्टियां करते हैं।

लोगों का आरोप है कि कई बार रात में ये लोग शोर-शराबा और हुड़दंग करते हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कई बार उन्होंने इन गतिविधियों का विरोध भी किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


महिलाओं के साथ मारपीट का भी आरोप

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब मोहल्ले की महिलाओं ने लकड़ियां तोड़ने से रोकने की कोशिश की तो उन पर हमला कर दिया गया।

लोगों का कहना है कि महिलाओं के विरोध करने पर सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए, जिसके चलते उन्होंने प्रशासन से शिकायत करने का फैसला किया।


भाषा और पहचान को लेकर संदेह

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन संदिग्ध लोगों की भाषा भी अलग है, जिसे समझना मुश्किल होता है।

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उन्हें यह भी नहीं पता कि ये लोग किस राज्य या देश के रहने वाले हैं। इसी वजह से इलाके में चर्चा शुरू हो गई कि कहीं ये लोग बांग्लादेशी रोहिंग्या तो नहीं हैं।

हालांकि अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस आशंका ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।


स्थानीय वोटर बनने की भी चर्चा

मोहल्ले के लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि कुछ संदिग्ध लोग स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।

इसी आशंका को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।


डीएम और एसपी कार्यालय पहुंचे सैकड़ों लोग

मामले को लेकर गुस्साए लोग बड़ी संख्या में एकत्र होकर पहले जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक मार्च किया।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि इलाके में रह रहे सभी संदिग्ध लोगों की पहचान कराई जाए और उनकी नागरिकता की जांच की जाए।

लोगों ने प्रशासन से यह भी कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।


पुलिस अधीक्षक ने दिया जांच का आश्वासन

प्रदर्शन के बाद जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि जांच में कोई व्यक्ति अवैध रूप से रह रहा पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में रह रहे लोगों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी और उनकी पहचान सत्यापित की जाएगी।

यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से रह रहा पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इलाके में बना तनाव का माहौल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद उमरारखेड़ा इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और भरोसा दिला रहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

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