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Nepal Rescue Mission : नेपाल में तबाही के बीच भारतीय बचाव दल ने सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश तेज की

नेपाल में बाढ़ के बाद भारतीय और नेपाली बचाव दल चिलीमे व लांगटांग सुरंगों में फंसे श्रमिकों की तलाश में जुटे हैं।

नेपाल में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों, खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों के बीच सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए भारतीय रेस्क्यू टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया है। भारतीय विशेषज्ञ दल नेपाली सेना के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रहा है।

जानकारी के मुताबिक, भारतीय रेस्क्यू टीम ने रसुवा जिले के चिलीमे और लांगटांग इलाके में बचाव अभियान तेज किया है। दोनों स्थानों पर हाइड्रो पावर परियोजनाओं की सुरंगों में कई श्रमिकों के फंसे होने की आशंका है। ऐसे में सुरंगों तक पहुंच बनाना बचाव दल के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

चिलीमे में सुरंग के मुहाने तक पहुंची टीम

चिलीमे में भारतीय बचाव दल ने बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच सुरंग के मुहाने तक पहुंच बनाने में सफलता हासिल की है। इससे आगे अंदर फंसे लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान को गति मिलने की उम्मीद है।

वहीं लांगटांग में भारतीय विशेषज्ञों और नेपाली सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम करीब 185 मीटर की गहराई तक पहुंचने में कामयाब रही। अधिकारियों के अनुसार, दोनों स्थानों पर राहत और बचाव अभियान आगे भी जारी रहेगा। खराब मौसम और दुर्गम रास्तों के कारण अभियान में लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं।

भारतीय राजदूत ने नेपाली सेना के बेस का किया दौरा

नेपाल में भारत के राजदूत ने नुवाकोट जिले के बिदुर स्थित नेपाली सेना के बेस का दौरा किया। यह बेस रसुवा क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों के लिए महत्वपूर्ण संचालन केंद्र के रूप में काम कर रहा है।

दौरे के दौरान भारतीय राजदूत ने रेस्क्यू टीमों से मुलाकात की और चिलीमे तथा लांगटांग में चल रहे अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नेपाल के गृह मंत्री और ऊर्जा एवं जल संसाधन मंत्री से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच राहत और बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा हुई।

939 लोगों की मौत, हजारों अभी भी लापता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 हो गई है, जबकि 4,000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत एजेंसियों ने अब तक 10,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है।

बचाव दलों को उफनती नदियों, लगातार बारिश, टूटे पुलों और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

हाइड्रो पावर परियोजनाओं में फंसे श्रमिकों की तलाश

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ का पानी कई इलाकों में पहुंच गया, जिससे घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान हुआ। कई हाइड्रो पावर परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

रेस्क्यू टीमें विभिन्न परियोजना स्थलों पर करीब 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने में जुटी हैं। इनमें से कई लोगों के सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिक लापता

नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से 323 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि, 39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिकों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

विदेश मंत्रालय ने संबंधित देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क बढ़ाया है। लापता विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाने और उनके परिवारों से समन्वय के लिए एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। भारत और नेपाल की संयुक्त कोशिशों के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।

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