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Cloth Shop Fire: कन्नौज में कपड़ों की दुकान में भीषण आग — लाखों का माल जलकर राख

कन्नौज । उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के सौरिख तिराहे पर स्थित एक कपड़ों की थोक दुकान में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेज़ी से फैली कि कुछ ही मिनटों में दुकान में रखे लाखों रुपये के कपड़े जलकर राख हो गए। आसपास के स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण बताया जा रहा है। हादसे के वक्त दुकान बंद थी, जिससे किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान बहुत भारी बताया जा रहा है।


घटनाक्रम: कैसे भड़की आग

घटना रविवार देर रात लगभग 10 बजे की बताई जा रही है, जब स्थानीय निवासियों ने सौरिख तिराहे पर स्थित कपड़ा बाजार के इलाके से तेज़ धुआं उठता देखा। धीरे-धीरे धुआं गहरा होता गया और आग की लपटें दुकान से बाहर निकलने लगीं।

लोग तुरंत दौड़कर पहुंचे और पास के दुकानदारों को सूचना दी। दुकान मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुंचा। वहां पहुंचते-पहुंचते दुकान की अंदरूनी हिस्से में आग ने भीषण रूप ले लिया था।

स्थानीय लोगों ने आसपास की दुकानों से बाल्टी, पाइप और मोटर पंप के जरिए पानी डालना शुरू किया, ताकि आग फैल न सके। इस बीच आसपास के कपड़ा व्यापारियों और राहगीरों ने मिलकर दुकान के शटर को खोलने की कोशिश की और भीतर से धुएं को बाहर निकालने का प्रयास किया।

करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद लोगों ने आग पर आंशिक रूप से काबू पा लिया, लेकिन तब तक दुकान का अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था।


दुकानदार की आपबीती

दुकान मालिक, जिनका नाम प्रमोद अग्रवाल बताया जा रहा है (स्थानीय सूत्रों के अनुसार), ने बताया कि वह दिन में दुकान बंद करके अपने घर चले गए थे। रात को अचानक कॉल आने पर जब वह पहुंचे तो देखा कि दुकान में आग की लपटें उठ रही थीं।

“मेरे पास लाखों रुपये का नया माल था, जिसे होली पर बिक्री के लिए मंगवाया गया था। सब कुछ राख में बदल गया। अभी तक सही से होश में नहीं आ पा रहा हूं कि सब खत्म हो गया,”
प्रमोद अग्रवाल, पीड़ित दुकानदार (अनुमानित बयान)

उनके अनुसार, दुकान में रखे सिंथेटिक और कॉटन कपड़ों की वजह से आग ने तेजी से फैलकर पूरे स्टोर को अपनी चपेट में ले लिया।


स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यवाही

आग लगने की सूचना मिलते ही छिबरामऊ कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से आग को पूरी तरह बुझाया और इलाके को घेराबंदी में लेकर जांच शुरू की।

फायर ऑफिसर ने बताया कि प्राथमिक जांच में इलेक्ट्रिक वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से चिंगारी निकलने की बात सामने आई है, जिसने आग को जन्म दिया।

“संभावना है कि दुकान में रात के समय बिजली की आपूर्ति चालू थी और पुराने तारों में करंट ओवरलोड होने से स्पार्क हुआ। जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं,”
फायर अधिकारी, कन्नौज

फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने के बाद सड़क किनारे की अन्य दुकानों और गोदामों को सुरक्षित किया। पुलिस ने रात भर मौके पर तैनाती रखी ताकि कोई दुबारा आग भड़क न सके।


नुकसान का अनुमान

प्रारंभिक आंकलन के अनुसार, दुकान में 15 से 20 लाख रुपये तक का कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक फर्निशिंग सामान रखा हुआ था। पूरा स्टॉक आग की लपटों में जल गया। वहीं दुकान की लकड़ी की अलमारियां, शीशे और बिलिंग सिस्टम भी नष्ट हो गए।

व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन से आर्थिक सहायता और बीमा दावा प्रक्रिया में मदद की मांग की है।


स्थानीय लोगों की बहादुरी

आग लगने की सूचना पर पड़ोसी दुकानदारों ने जिस तरह तेजी से प्रतिक्रिया दी, वह सराहनीय रही। कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पास की दुकानों में रखे गैस सिलिंडर और प्लास्टिक माल को बाहर निकालकर बड़े हादसे से बचाया।

सौरिख तिराहे के निवासी विजय पाल सिंह ने बताया:

“अगर लोगों ने समय रहते पानी डालना और शटर तोड़कर आग रोकना शुरू न किया होता, तो पूरा बाजार जल जाता।”

स्थानीय नागरिकों की सतर्कता और सामूहिक प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया।


आग के पीछे संभावित कारण

फायर विभाग की प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। गर्म कपड़ों और प्लास्टिक सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने भवनों और बिना अर्थिंग के तारों में बार-बार वोल्टेज फ्लक्चुएशन होता है, जिससे चिंगारी उठती है।
इस इलाके में पिछले दो वर्षों में तीन से अधिक छोटी-बड़ी आग की घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनका प्रमुख कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट रहा है।


प्रशासनिक प्रतिक्रिया

कन्नौज प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर राजस्व टीम और विद्युत विभाग के अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं।
उपजिलाधिकारी (SDM) ने कहा:

“व्यापारी की आर्थिक सहायता के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फायर सेफ्टी मानकों की समीक्षा भी कराई जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ रोकी जा सकें।”


व्यापार मंडल का बयान

कन्नौज व्यापार मंडल ने हादसे को “व्यवसायिक समुदाय के लिए गहरा आघात” बताया है।
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि होली जैसे त्योहारी सीज़न में व्यापारी माल में भारी निवेश करते हैं, और इस तरह की दुर्घटनाएं मानसिक व आर्थिक दोनों स्तर पर नुकसान पहुँचाती हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि —

  • स्थानीय बाजारों में फायर सेफ्टी सिस्टम अनिवार्य किए जाएं,

  • बिजली के तारों की नियमित जांच हो,

  • और व्यापारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए।


आग से सबक: सुरक्षा की ज़रूरत

यह हादसा फिर एक बार यह याद दिलाता है कि शॉर्ट सर्किट और अग्निशमन सुरक्षा को लेकर व्यापारी वर्ग को गंभीर होना पड़ेगा।
बाजारों में अक्सर बिजली के तार खुले रहते हैं, जिनमें धूल-मिट्टी और नमी जमा होकर स्पार्किंग का कारण बनती है।

फायर सेफ्टी उपकरण, ऑटोमेटिक ट्रिप सिस्टम और स्मोक डिटेक्टर जैसे उपायों को हर दुकान में अनिवार्य किया जाना चाहिए।

कन्नौज के सौरिख तिराहे पर कपड़ा बाजार में लगी यह आग एक बड़ी चेतावनी है — यह सिर्फ एक दुकान का नुकसान नहीं, बल्कि सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही का परिणाम है।
सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई, लेकिन लाखों का नुकसान और व्यापारी की मेहनत का जल जाना अपने आप में एक बड़ी त्रासदी है।

पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल अब भी वही है —
क्या हर अगली आग के बाद ही हम सावधान होंगे, या पहले से तैयारी करेंगे?

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