Sunday , February 1 2026

जयपुर में दर्दनाक बस हादसा: ईंट भट्ठे पर काम करने जा रहे पीलीभीत के तीन मजदूरों की मौत, गांवों में मचा कोहराम

जयपुर/पीलीभीत।
राजस्थान के जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर मनोरथपुर इलाके में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पीलीभीत जिले के तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के गांवों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों में दो की पहचान हो चुकी है, जबकि तीसरे की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम पूरनपुर क्षेत्र के मजदूर एक ठेकेदार के जरिए ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए राजस्थान रवाना हुए थे। ये सभी पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर के मोहल्ला नौगंवा के निवासी थे। मंगलवार सुबह जब बस जयपुर के मनोरथपुर इलाके में ईंट भट्ठे से मात्र आधा किलोमीटर दूर पहुंची, तभी हादसा हो गया। बस पलटने से मौके पर ही दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान नसीम और सहीनम के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। हादसे के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। घर-घर से उठती चीख-पुकार ने पूरे माहौल को गमगीन बना दिया है।

गांव निवासी नसीम की बहन गरकशा ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भाई राजा से उसकी बात हुई थी। उसने बताया था कि वे लोग जल्द ही भट्ठे पर पहुंचने वाले हैं। कुछ देर बाद दोबारा फोन किया गया तो हादसे की खबर मिली। राजा ने बताया कि बस पलट गई है और दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से परिवार का किसी से संपर्क नहीं हो सका।

हादसे में शामिल बस बरेली के बहेड़ी निवासी आरिफ की बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि बस को एक ठेकेदार ने बुक कराया था, जो पूरनपुर क्षेत्र से मजदूरों को ईंट भट्ठे पर काम के लिए भेज रहा था। हादसे की सूचना उन्हें मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बस के कंडक्टर से मिली। कंडक्टर ने बताया कि बस ईंट भट्ठे से करीब आधा किलोमीटर पहले ही पलट गई थी।

बस मालिक आरिफ ने बताया कि बुकिंग कराने वाले ठेकेदार ने एक युवक को मजदूरों के साथ भेजा था, जिसने ड्राइवर से कहा कि वह बस को भट्ठे तक खुद ले जाएगा। इसी दौरान नियंत्रण बिगड़ने से बस पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्री बुरी तरह डर गए। कई लोग इतने सहमे हुए हैं कि कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं।

फिलहाल हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायल मजदूरों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
हादसे की खबर जैसे ही नौगंवा और आसपास के गांवों में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जिन घरों से मजदूर एक साथ राजस्थान गए थे, वहां मातम छा गया। परिजन अपने प्रियजनों की तस्वीरें देखकर बेसुध हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और सभी मजदूरों को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था की जाए।

स्थानीय प्रशासन ने जताया दुख
पूरनपुर प्रशासन ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान पुलिस से संपर्क स्थापित कर सभी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही शवों को पीलीभीत लाने की व्यवस्था की जाएगी।

इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं, बल्कि गांव के कई घरों में उजाला बुझा दिया। अब हर कोई यही दुआ कर रहा है कि बाकी मजदूर सकुशल अपने घर लौट आएं।

Check Also

Anganwadi Recruitment-बलरामपुर में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला, रिश्वत लेते तीन आरोपी गिरफ्तार

जनपद बलरामपुर में आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया के नाम पर रिश्वत मांगने और लेने का गंभीर …