
अफ्रीकी देश Guinea की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के एक भीषण हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। शहर के सबसे बड़े खुले लैंडफिल यानी कचरा डंपिंग स्थल पर कचरे का विशाल ढेर अचानक ढह गया। इसके नीचे आसपास बनी कई झुग्गियां दब गईं। हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान जारी है।

भारी बारिश बनी हादसे की बड़ी वजह
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हादसा रविवार सुबह करीब 2 बजे हुआ। इससे पहले इलाके में भारी बारिश हो रही थी। लगातार बारिश के कारण लैंडफिल में जमा कचरा अस्थिर हो गया और देखते ही देखते कचरे का बड़ा हिस्सा नीचे की ओर खिसक गया। कचरे और मिट्टी के इस भारी मलबे ने आसपास मौजूद झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया।
अचानक हुए इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की गई। हादसे में कम से कम छह लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
पहले ही जारी किया गया था हटने का नोटिस
बताया गया है कि जिस इलाके में यह हादसा हुआ, वहां रहने वाले लोगों को पहले ही खतरे की जानकारी दी जा चुकी थी। अधिकारियों ने लैंडफिल के आसपास रहने वाले परिवारों को वहां से हटने का नोटिस जारी किया था। प्रशासन की ओर से कचरा डंपिंग साइट को बंद करने का फैसला भी लिया गया था।
हालांकि, नोटिस के बावजूद कुछ परिवार उस इलाके में मौजूद थे। इसी दौरान भारी बारिश के कारण कचरे का पहाड़ ढह गया और कई झुग्गियां मलबे में दब गईं।
बाकी परिवारों को सुरक्षित जगह बसाने की तैयारी
घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह बसाने की बात कही है। कोनाक्री में मौजूद क्षेत्रीय प्रशासन और विकेंद्रीकरण मंत्री डिएनाबू टुरे ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हादसे के बाद बचे परिवारों के रहने की व्यवस्था की जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
रेस्क्यू टीम लगातार मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है, क्योंकि मलबे का कुछ हिस्सा अभी भी अस्थिर बताया जा रहा है।
Guinea में हुआ यह हादसा एक बार फिर घनी आबादी के आसपास असुरक्षित कचरा डंपिंग साइटों से जुड़े खतरों को सामने लाता है। बारिश के मौसम में ऐसे इलाकों में भूस्खलन और कचरे के ढेर के खिसकने का खतरा और बढ़ जाता है।




