संपत्ति के लालच में अमानवीय कृत्य: नौकर दंपत्ति ने सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी और उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी को पांच वर्षों तक बनाया बंधक, भूख और उपेक्षा से बुजुर्ग की मौत
शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हिन्द टायर गली से मानवता को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां संपत्ति के लालच में एक नौकर दंपत्ति ने रेलवे से सेवानिवृत्त बुजुर्ग कर्मचारी और उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी को उनके ही घर में लगभग पांच वर्षों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उचित देखभाल और भोजन के अभाव में बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि उनकी 27 वर्षीय बेटी अत्यधिक कुपोषण के कारण हड्डियों का ढांचा मात्र रह गई।
मृतक की पहचान 70 वर्षीय ओमप्रकाश राठौर के रूप में हुई है, जो रेलवे विभाग में सीनियर क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त थे। वहीं उनकी बेटी रश्मि, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त बताई जा रही है, इस अमानवीय कैद की शिकार बनी।
पत्नी की मौत के बाद बदली जिंदगी
मृतक के भाई अमर सिंह ने बताया कि लगभग दस वर्ष पूर्व ओमप्रकाश राठौर की पत्नी का निधन हो गया था। इसके बाद वह अपनी बेटी रश्मि के साथ अलग मकान में रहने लगे थे। बेटी की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण ओमप्रकाश ने अपनी देखभाल और घरेलू कार्यों के लिए चरखारी निवासी रामप्रकाश कुशवाहा और उसकी पत्नी रामदेवी को नौकर के रूप में रखा था।
नौकरों ने किया घर पर कब्जा
आरोप है कि कुछ समय बाद नौकर दंपत्ति की नीयत बदल गई। उन्होंने धीरे-धीरे पूरे मकान पर कब्जा कर लिया और ओमप्रकाश व उनकी बेटी को मकान के निचले हिस्से के एक कमरे में बंद कर दिया। खुद नौकर दंपत्ति ऊपर के कमरे में रहने लगे। पीड़ित पिता-पुत्री को न तो ढंग का भोजन दिया जाता था और न ही कोई चिकित्सकीय देखभाल।
दो वर्षों तक पूरी तरह नजरबंद
परिजनों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से ओमप्रकाश और उनकी बेटी को पूरी तरह नजरबंद कर दिया गया था। जब भी रिश्तेदार मिलने आते, नौकर दंपत्ति बहाने बनाकर उन्हें लौटा देते थे और अंदर जाने नहीं देते थे। इसी दौरान दोनों की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
मौत की खबर ने खोली सच्चाई
सोमवार को जब ओमप्रकाश राठौर की मौत की सूचना परिजनों को मिली और वे घर पहुंचे, तो अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। बुजुर्ग का शव पूरी तरह सूख चुका था, जिससे लंबे समय तक भूख और उपेक्षा की पुष्टि होती है। वहीं उनकी बेटी रश्मि एक अंधेरे कमरे में नग्न अवस्था में मिली, जिसकी हालत बेहद गंभीर थी। अत्यधिक भूख और कुपोषण के कारण उसका शरीर केवल हड्डियों का ढांचा बन चुका था, हालांकि उसकी सांसें अभी चल रही थीं।
पुलिस ने संभाला मामला
घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बुजुर्ग के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि गंभीर हालत में मिली बेटी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है और नौकर दंपत्ति से पूछताछ की जा रही है।
इलाके में आक्रोश
इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने वर्षों तक यह अत्याचार कैसे छिपा रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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