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Rain Alert India : दिल्ली समेत पंद्रह राज्यों में भारी बारिश अलर्ट, गुजरात असम में बाढ़ से हालात गंभीर बने

Weather Alert: दिल्ली समेत 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से हालात गंभीर, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

नई दिल्ली: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है और इसका असर अब लगभग पूरे भारत में देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली सहित 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

दिल्ली में कई दिनों तक बारिश का दौर जारी

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में शनिवार और रविवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि अत्यधिक बारिश के दौरान आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और जलभराव वाले इलाकों से बचें। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, असम समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मॉनसून ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्रों के कारण बारिश का सिलसिला अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है।

असम में बाढ़ से हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक

असम में लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बाढ़ ने गंभीर रूप ले लिया है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 9 जिलों में 7 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

कई गांवों का संपर्क टूट गया है और हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत दल लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा है।

गुजरात में भी बारिश बनी आफत

गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

बारिश की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कावेरी नदी के तेज बहाव में रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा बह गया, जिससे रेल सेवाओं पर असर पड़ा। कई सड़कें बंद हो गई हैं और प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है।

पहाड़ी राज्यों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। कई स्थानों पर सड़कें बाधित होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट पर

देश के कई राज्यों में जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय बचाव एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।

अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहेगा। ऐसे में भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां बनी रह सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से सुरक्षित रहा जा सके।

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