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डेंगू से निपटने के लिए प्रशासन ने बनाई ये नई रणनीति, ज्यादा मरीजों वाले क्षेत्र बनेंगे हॉट स्‍पॉट

लखनऊ में डेंगू से निपटने के लिए प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है। अब जिस इलाके से डेंगू के ज्‍यादा मरीज आएंगे उसे हॉट स्‍पॉट घोषित किया जाएगा। शनिवार को डीएम ने डेंगू-मलेरिया समेत अन्य संचारी रोगों के खिलाफ चल रहे अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि डेंगू के ज्यादा मरीज वाले क्षेत्रों को हॉट स्पॉट घोषित कर वहां फॉगिंग, एंटी लार्वा, चूने के छिड़काव का लगातार बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि अब तक 950 डेंगू के मरीज मिले हैं। नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह ने डीएम सूर्य पाल गंगवार को बताया कि चिह्नित इलाकों में फॉगिंग कराई जा रही है। डीएम ने कहा कि अगले दो दिनों में ऐसे सभी क्षेत्रों में अभियान चलाएं जहां मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। बैठक में प्लेटलेट की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने संचारी रोगों के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।
स्कूलों में सुबह 15 मिनट चलेगा जागरूकता वीडियो बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि सभी स्कूलों में संचारी रोगों से बचाव के लिए पोस्टर लगाए जाएं। जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था है वहां सुबह नौ से सवा नौ बजे के बीच 15 मिनट का जागरूकता वीडियो चलाएं। साथ ही यू ट्यूब के माध्यम से भी छात्रों को जानकारी दें। वहीं शनिवार को 40 लोग डेंगू की जद में आ गए हैं। सबसे ज्यादा छह लोग आलमबाग में डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। अब तक 150 से अधिक लोग यहां डेंगू की जद में आ चुके हैं। छावनी में डेंगू और बुखार के मरीज बढ़े छावनी कैंट में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। सदर के पिगरी, हाता जवाहर सिंह समेत अन्य इलाकों में बुखार पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुखार पीड़ित कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल के साथ मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। नीरज सिंह (43) डेंगू से पीड़ित हैं। वहीं कई मरीज बुखार से पीड़ित हैं और कई अस्पताल में भर्ती हैं। सरकारी अस्पतालों में बढ़ी प्लेटलेट्स की मांग डेंगू के प्रकोप के मद्देनजर प्लेटलेट्स की मांग में इजाफा हो रहा है। सरकारी अस्पतालों में सामान्य दिनों के मुकाबले प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। रोजाना सरकारी अस्पतालों में तकरीबन 325 से 350 पहुंच गई है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड बैंकों में पर्याप्त प्लेटलेट्स है। एसडीपी भी पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान में हो रही है। एक दर्जन से अधिक निजी संस्थानों में एसडीपी की सुविधा है।

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