लखीमपुर खीरी जनपद के रमिया बेहढ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) परिसर में इन दिनों ठंड के बावजूद आशा संगिनी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी हैं। सरकार से उचित वेतन और सुविधाओं की मांग करते हुए आशा संगिनियों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

धरने पर बैठी आशा संगिनियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित मानसिक सैलरी वृद्धि अब तक उन्हें नहीं मिल पा रही है। कई महीनों से उन्हें वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।
धरना स्थल पर ठंड में ठिठुरती आशा बहुएं खुले आसमान के नीचे बैठकर सरकार से अपने अधिकार की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं, लेकिन उनकी मेहनत का उचित मूल्य सरकार नहीं दे रही।
एक आशा संगिनी ने बताया,
“हम सुबह से ठंड में धरने पर बैठे हैं, लेकिन सीएससी के किसी अधिकारी ने अब तक खाने-पीने या ठंड से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। सरकार सिर्फ वादे करती है, लेकिन ज़मीनी हक़ नहीं देती।”
धरना स्थल पर महिलाओं की भारी भीड़ जुटी रही। कई सामाजिक संगठनों ने भी आशा संगिनियों के समर्थन में आगे आने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मानसिक सैलरी निर्धारित कर नियमित भुगतान नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया है कि आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा, ताकि समाधान जल्द से जल्द निकल सके।
-
रमिया बेहढ सीएससी परिसर में आशा संगिनियों का धरना जारी
-
सरकार से मानसिक सैलरी निर्धारण और नियमित वेतन भुगतान की मांग
-
कड़ी ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठीं महिलाएं
-
प्रशासनिक अधिकारी अब तक नहीं पहुंचे धरना स्थल पर
-
स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली आशाओं ने जताई नाराज़गी
Hind News 24×7 | हिन्द न्यूज़ Latest News & Information Portal