
हरदोई के कलेक्ट्रेट परिसर में धरना स्थल पर नव भारतीय किसान संगठन (अराजनैतिक) ने अपने स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण आर्य के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। समारोह में स्थानीय किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई, आर्थिक तंगी, कर्ज और सिंचाई की असुविधाएं किसान जीवन को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का सम्पूर्ण ऋण माफ किया जाना चाहिए ताकि वे अपने आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें और नई फसल की तैयारी कर सकें।
उन्होंने घरेलू विद्युत के लिए 300 यूनिट तक प्रतिमाह नि:शुल्क करने और विधवा एवं वृद्धावस्था पेंशन को वर्तमान 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये मासिक करने की मांग उठाई। श्री आर्य ने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन को किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और उनके लिए स्थायी समाधान पेश करना चाहिए।
कार्यक्रम में संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसानों की रीढ़ ही देश की कृषि प्रणाली है और उनकी समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से फसल बीमा, सिंचाई, बाजार में उचित दाम और कृषि उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया गया।
जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण आर्य ने अपने भाषण में बताया कि पिछले दशक में किसानों की आय स्थिर नहीं रही है और लगातार बढ़ती लागतों ने उनकी स्थिति और कठिन बना दी है। उन्होंने कहा कि कृषि संकट सिर्फ आर्थिक नहीं है, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है। कई किसानों को अपने परिवार का भरण-पोषण करने में कठिनाई हो रही है।
स्थापना दिवस के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि सरकार और स्थानीय प्रशासन को किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान निकालना आवश्यक है। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए, कर्ज माफी और मुफ्त विद्युत की व्यवस्था को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा, वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन बढ़ाने से ग्रामीण समाज की संरचना मजबूत होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने भी खुलकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अक्सर सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक नहीं पहुँच पाता। उन्होंने संगठन से समर्थन की उम्मीद जताई और कहा कि ऐसे कार्यक्रम किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों की बड़ी संख्या ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिससे स्पष्ट हुआ कि किसानों की समस्याओं को लेकर जागरूकता और समर्थन तेजी से बढ़ रहा है।
स्थापना दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि नव भारतीय किसान संगठन किसानों की समस्याओं और उनके अधिकारों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण आर्य ने स्पष्ट किया कि संगठन लगातार किसानों के हक के लिए आवाज उठाता रहेगा और सरकार तथा प्रशासन से उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाएगा।
इस कार्यक्रम ने किसानों और ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ाने का काम किया और स्थानीय प्रशासन को यह संकेत दिया कि किसानों की समस्याओं का समाधान अब अनिवार्य हो गया है।




