देवरिया जनपद के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के पद्मावती पोखरे में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें महिलाओं और पत्रकार को धमकी देने का आरोप एक महिला अधिवक्ता पर लगा है।

स्थानीय दर्जन भर महिलाओं ने मनमोहन गुप्ता पर लगातार दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना है कि मनमोहन गुप्ता उन्हें आय दिन प्रताड़ित करता और परेशान करता था। इतना ही नहीं, देवरात्रि के दिन महिलाओं के साथ मारपीट भी की गई।
जब मामला पुलिस तक पहुंचा, तो मनमोहन गुप्ता की बेटी, जो एक महिला अधिवक्ता हैं, ने पुलिस पर दबाव बनाकर पीड़ित महिलाओं को ही फटकार लगवाई और उन्हें जबरन सुलह करने पर मजबूर किया। आरोप है कि अधिवक्ता महिला ने दो सिपाहियों की मदद से गरीब महिलाओं पर दबाव डाला और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी।
मामले को उजागर करने वाले पत्रकार रवि रावत पर भी अधिवक्ता महिला ने जेल भेजने की धमकी दी। पत्रकार रवि रावत ने बताया कि उन्होंने सदर कोतवाली के सीयूजी नंबर पर फोन कर सदर कोतवाल को पूरी जानकारी दी, और मौके पर खुद सदर कोतवाल मौजूद थे।
रवि रावत ने कहा कि यदि प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करता है, तो वे धरने पर बैठने का फैसला कर सकते हैं। पत्रकार ने यह भी चेतावनी दी कि इस मामले में अन्य मीडिया संस्थानों को भी जागरूक किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की और कहा कि गरीब महिलाओं को दबाने और धमकाने की घटनाएं कानून की नजर में गंभीर अपराध हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
इस घटना से देवरिया जिले में महिलाओं और पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं में अधिवक्ता का दखल देना और पीड़ितों को दबाना गंभीर कानूनी अपराध है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
देवरिया में यह मामला महिलाओं और पत्रकारों की सुरक्षा, कानून की निष्पक्षता और भ्रष्टाचार के खिलाफ चेतावनी की तरह सामने आया है। प्रशासन पर दबाव है कि वह उचित जांच कर दोषियों को सजा दिलाए और पीड़ितों को न्याय प्रदान करे।
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