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Lucknow: जेल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला, परिवार बोला– “यह साजिश है”

लखनऊ, 1 अक्टूबर 2025 – उत्तर प्रदेश सरकार में कभी कद्दावर मंत्री रहे और वर्तमान में सामूहिक दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर लखनऊ जिला जेल में मंगलवार शाम एक बंदी ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले से जेल प्रशासन से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई है।

जानकारी के मुताबिक, जेल अस्पताल में भर्ती प्रजापति पर एक कैदी विश्वास ने लोहे की रॉड से हमला किया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और डॉक्टरों को छह टांके लगाने पड़े। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


कैसे हुआ हमला?

जेल अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार की शाम करीब साढ़े छह बजे गायत्री प्रजापति ने अस्पताल में सफाई करने वाले बंदी विश्वास को पानी लाने के लिए बुलाया। पानी लाने में देर होने पर दोनों में बहस हो गई। इसी दौरान नाराज बंदी ने मेज की दराज से एक लोहे की रॉड निकाली और पूर्व मंत्री के सिर पर वार कर दिया।

जेलर और जेल अधीक्षक मौके पर पहुंचे और घायल प्रजापति को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।


परिवार ने बताई “साजिश”

हमले के बाद गायत्री प्रजापति की पत्नी और अमेठी से सपा विधायक महाराजी प्रजापति ने इसे एक गहरी साजिश करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया –
“जब जेल में सुई तक नहीं पहुंच सकती, तो चाकू और रॉड कैसे पहुंच गया? मेरे पति की जान खतरे में है। सरकार को इस घटना की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।”

वहीं, उनकी बेटी अंकिता प्रजापति ने कहा कि उनके पिता निर्दोष हैं और पिछले आठ साल से झूठे आरोप में जेल में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत ने महिला का मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया और उनके पिता को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई। अंकिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने पिता की सुरक्षा बढ़ाने और न्याय दिलाने की अपील की।


राजनीतिक हलचल

हमले की खबर फैलते ही राजनीतिक हलकों में भी गर्माहट आ गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा –
“उत्तर प्रदेश में कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है। जेल के अंदर पूर्व मंत्री पर हमला होना गंभीर सवाल खड़े करता है। इसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए।”


जेल प्रशासन का बयान

लखनऊ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल ने कहा कि यह घटना बंदियों के बीच कहासुनी से हुई है और इसमें किसी भी तरह की बड़ी साजिश की बात अभी तक सामने नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गायत्री प्रजापति को सिर में मामूली चोट आई है और ऐहतियातन उन्हें ट्रॉमा सेंटर दिखाया गया था।


स्वास्थ्य स्थिति

गायत्री प्रजापति पहले से ही डायबिटीज, बीपी, किडनी की समस्या और कमर दर्द जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसलिए उन्हें जेल अस्पताल में रखा गया है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।


निष्कर्ष

लखनऊ जेल में हुए इस हमले ने एक बार फिर जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां जेल प्रशासन इसे बंदियों के बीच कहासुनी का नतीजा बता रहा है, वहीं परिवार और सपा इसे “साजिश” करार दे रहे हैं। अब सबकी निगाहें सरकार और न्यायिक जांच पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले का सच क्या सामने आता है।

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