
कन्नौज। जनपद में 19 सितंबर को घटित हुए अपहरण कांड में बहादुरी और साहस का परिचय देने वाली किशोरी को शुक्रवार को सम्मानित किया गया। पुलिस प्रशासन ने न केवल किशोरी की हिम्मत की सराहना की बल्कि उसके और उसके परिवार को कई सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा, ताकि भविष्य में उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
घटना का पूरा मामला
बताया जा रहा है कि 19 सितंबर को एक सिरफिरे आशिक ने अपनी प्रेमिका के नाराज़ होकर चले जाने से आक्रोशित होकर बड़ा कदम उठाया। गुस्से में आकर उसने प्रेमिका के बच्चों को गन प्वाइंट पर अगवा कर लिया। इस दौरान गांव में दहशत का माहौल बन गया था। लेकिन, किशोरी ने अपनी सूझबूझ और साहस से न केवल आरोपी को चकमा दिया बल्कि पुलिस को भी महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके चलते सिरफिरे आशिक को काबू करने में बड़ी मदद मिली।
सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया परिवार
पुलिस और प्रशासन ने केवल सम्मान ही नहीं दिया बल्कि बच्ची और उसके भाई-बहनों के उज्ज्वल भविष्य की भी जिम्मेदारी ली।
पुलिस ने किया सम्मानित
शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने इस साहसी बच्ची को सम्मानित करते हुए उसकी वीरता की प्रशंसा की। सीओ छिबरामऊ सुरेश कुमार ने बताया कि बच्ची की हिम्मत और समझदारी के कारण ही पुलिस को सिरफिरे आशिक का काउंटर करने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि यह बच्ची पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।
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बाल कल्याण योजना के तहत उसके भाई-बहनों को बालिग होने तक हर माह ढाई-ढाई हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
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मिशन शक्ति टीम की ओर से बच्ची की बहन को स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई।
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इसके अलावा प्रशासन ने परिवार को विभिन्न अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ने का आश्वासन दिया।
बढ़ा हौसला, बनी मिसाल
इस सम्मान और मदद से न सिर्फ बच्ची का आत्मविश्वास बढ़ा है बल्कि पूरे क्षेत्र में यह संदेश गया है कि सही समय पर साहस दिखाने से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। यह बच्ची आज तमाम लोगों, खासकर युवाओं और महिलाओं के लिए मिसाल बन गई है।




