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Auraiya: जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने शिक्षा में लगाई नई अलख, बच्चों को निशुल्क पढ़ाई से दी ज्ञान की रोशनी

औरैया। जिले के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी अपनी निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के लिए जाने जाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अब बच्चों तक सीधे पहुँच रहा है। डॉ. त्रिपाठी रोज सुबह 6:00 बजे से लेकर 8:00 बजे तक बच्चों को निशुल्क पढ़ाते हैं, जिससे जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है।

इस पहल के तहत बच्चों को सभी विषयों में अभ्यास कराया जाता है। खास बात यह है कि जिलाधिकारी स्वयं विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और इतिहास के ज्ञानवर्धक सत्र बच्चों को पढ़ाते हैं। इसके अलावा, उनके साथ पांच पुलिस जवान भी बच्चों को शिक्षा देने में सहयोग करते हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल और भी संगठित बनता है।

सुबह के इस सत्र में 60 से अधिक बच्चे भाग लेते हैं, और उन्हें शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों की भी जानकारी दी जाती है।

डॉ. त्रिपाठी की यह पहल न केवल शिक्षा में सुधार ला रही है, बल्कि जनता में उनके प्रति विश्वास और सम्मान भी बढ़ा रही है। सुबह बच्चों को पढ़ाने के बाद वे सुबह 9:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक जनता दरबार में फरियादियों की सुनवाई भी करते हैं। उनके दरबार में अक्सर तीन सौ से अधिक फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं।

इस तरह डॉ. त्रिपाठी ने अपने कार्यकाल में जिले में विकास की गति को तेज करते हुए शिक्षा और प्रशासन दोनों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनकी लोकप्रियता अब हर कस्बा और शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

साक्षात उदाहरण:
स्थानीय निवासी और बच्चों के अभिभावक इस पहल को लेकर अत्यंत प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के इस प्रयास से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है।

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