
कुशीनगर जिले के कई तहसील क्षेत्रों से भारी संख्या में मुसहर और धानगढ समाज के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने जिलाधिकारी के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और त्वरित निस्तारण की मांग की। समाज के लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उनकी समाज को गोद लिया था, लेकिन आज तक उन्हें पट्टे की जमीन, घरौनी प्रमाण पत्र और कई सरकारी योजनाओं से वंचित रखा गया है।
मामले की जानकारी:
उत्तर प्रदेश सरकार ने मुसहर और धानगढ समाज के उत्थान के लिए कई गाइडलाइन जारी की हैं, लेकिन समाज के लोगों के अनुसार उनका उत्थान अब तक नहीं हुआ। इसी कारण भारी संख्या में लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
मुसहर और धानगढ समाज की प्रमुख मांगें:
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मुसहर और धानगढ समाज के लोगों को घरौनी प्रमाण पत्र दिया जाए और जो पूर्व में जमीन के पट्टे मिले हैं, उन पर उन्हें कब्जा दिलाया जाए।
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धानगढ जाति के लोगों को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
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मुसहर और धानगढ समाज के लोगों को आवास मुहैया कराया जाए।
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मुसहर और धानगढ जाति के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
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सरकारी योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत मुसहर और धानगढ समाज के लोगों को प्रदान किया जाए।
प्रतिक्रिया:
मांग पत्र प्राप्त करने आए प्रभारी अधिकारी ने बताया कि इस पर जल्द विचार कर सभी तहसील क्षेत्रों और विकास खंडों को सूचित किया जाएगा।
बाइट:
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जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार भील: “हमारे समाज की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।”
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मुकेश कुमार, नेता मुसहर समाज: “हमारे समाज की लंबे समय से उपेक्षित मांगों का समाधान होना चाहिए।”




