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Blair Witch Project : 49 लाख की हॉरर फिल्म ने रचा इतिहास, बिना प्रचार कमाए 2000 करोड़ रुपये

49 लाख में बनी हॉरर फिल्म ने मचाया तहलका, बिना प्रमोशन के कमाए 2000 करोड़, मार्केटिंग की दुनिया में बनी मिसाल

आज के दौर में फिल्मों की सफलता के लिए करोड़ों रुपये के प्रमोशन कैंपेन चलाए जाते हैं। बड़े सितारे अलग-अलग शहरों में जाकर अपनी फिल्मों का प्रचार करते हैं, सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाए जाते हैं और कई तरह की रणनीतियां अपनाई जाती हैं। लेकिन हॉलीवुड में एक ऐसी फिल्म भी बनी, जिसने बिना किसी बड़े प्रचार अभियान और बिना दर्शकों से फिल्म देखने की अपील किए ही इतिहास रच दिया।

महज 49 लाख रुपये के बजट और सिर्फ 8 दिनों की शूटिंग में तैयार हुई इस हॉरर फिल्म ने दुनियाभर में करीब 2000 करोड़ रुपये की कमाई कर फिल्म इंडस्ट्री को हैरान कर दिया था। यह फिल्म थी साल 1999 में रिलीज हुई ‘द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट’ (The Blair Witch Project), जिसे आज भी दुनिया की सबसे सफल लो-बजट फिल्मों में गिना जाता है।

सिर्फ 8 दिन में पूरी हुई थी शूटिंग

‘द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट’ का निर्देशन डेनियल मायरिक और एडुआर्डो सांचेज ने किया था। फिल्म का बजट बेहद कम था, इसलिए इसमें किसी बड़े हॉलीवुड स्टार को कास्ट नहीं किया गया।

फिल्म में हीदर डोनाह्यू, जोशुआ लियोनार्ड और माइकल सी. विलियम्स जैसे नए कलाकारों को मौका दिया गया।

फिल्म की शूटिंग सिर्फ 8 दिनों में पूरी कर ली गई थी। इसे हैंडहेल्ड कैमरे से शूट किया गया ताकि पूरी कहानी किसी असली घटना की रिकॉर्डिंग जैसी लगे। कैमरे की हिलती हुई फुटेज और कलाकारों की प्राकृतिक एक्टिंग ने दर्शकों को यह महसूस कराया कि वे कोई फिल्म नहीं बल्कि किसी वास्तविक घटना को देख रहे हैं।

तीन युवाओं के गायब होने की कहानी ने लोगों को डराया

फिल्म की कहानी तीन फिल्म स्टूडेंट्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जंगल में एक रहस्यमयी चुड़ैल की कहानी पर डॉक्यूमेंट्री बनाने जाते हैं।

वे जंगल में पहुंचकर वहां की सच्चाई तलाशने लगते हैं, लेकिन धीरे-धीरे हालात बिगड़ने लगते हैं। उनका रास्ता भटक जाता है और फिर वे रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाते हैं।

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसे इस तरह पेश किया गया कि दर्शकों को लंबे समय तक यकीन नहीं हुआ कि यह सिर्फ एक काल्पनिक कहानी है।

मेकर्स ने अपनाई ऐसी मार्केटिंग, जिसने बदल दिया फिल्म प्रचार का तरीका

‘द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट’ की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसकी अनोखी मार्केटिंग रणनीति थी। फिल्म रिलीज होने से पहले मेकर्स ने इंटरनेट पर एक वेबसाइट बनाई, जिसमें दावा किया गया कि फिल्म के तीनों कलाकार वास्तव में लापता हो गए हैं।

वेबसाइट पर नकली पुलिस रिपोर्ट, अखबारों की कटिंग, तस्वीरें और मिसिंग पोस्टर जैसी चीजें शेयर की गईं। उस समय इंटरनेट नया-नया लोकप्रिय हो रहा था, इसलिए बहुत से लोगों ने इस कहानी को सच मान लिया।

दर्शकों को लगा कि उन्हें कोई हॉरर फिल्म नहीं बल्कि जंगल में मिले असली कैमरे की रिकॉर्डिंग दिखाई जा रही है। इस रणनीति ने फिल्म के प्रति जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी और लोग खुद थिएटर तक पहुंचने लगे।

बिना अपील के बनी बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट

जब ‘द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट’ रिलीज हुई तो इसकी चर्चा तेजी से फैल गई। फिल्म को देखने के लिए दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

करीब 49 लाख रुपये के छोटे से बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 2000 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली। इसकी सफलता ने साबित कर दिया कि किसी फिल्म को हिट बनाने के लिए हमेशा बड़े बजट और बड़े सितारों की जरूरत नहीं होती।

हॉलीवुड में आज भी याद की जाती है यह मार्केटिंग रणनीति

‘द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट’ को सिर्फ एक हॉरर फिल्म नहीं बल्कि फिल्म मार्केटिंग की एक ऐतिहासिक मिसाल माना जाता है।

इस फिल्म ने दिखाया कि अगर कहानी और प्रचार की रणनीति मजबूत हो तो कम संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। आज भी कई फिल्म निर्माता इसकी मार्केटिंग रणनीति का उदाहरण देते हैं।

49 लाख रुपये की लागत से बनी यह फिल्म 2000 करोड़ रुपये की कमाई तक पहुंच गई और साबित कर दिया कि कभी-कभी रहस्य, डर और सही रणनीति किसी भी बड़े बजट से ज्यादा ताकतवर साबित हो सकते हैं।

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