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Nagaland Landslide Disaster : नागालैंड में बारिश का कहर, मोन जिले में भूस्खलन से 8 की मौत, 12 घायल

नागालैंड में बारिश का कहर: मोन जिले में भूस्खलन से 8 की मौत, 12 घायल; मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

नागालैंड के मोन जिले में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जमीन खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, कई लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं, जिनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

उत्तर पूर्वी राज्यों में इन दिनों भारी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नागालैंड के मोन जिले में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि कई घर मलबे की चपेट में आ गए। मोन कस्बा और तिजित इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन ने कई परिवारों को प्रभावित किया है और इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।

मोन जिले के उपायुक्त वेनयेई कोन्याक ने बताया कि जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। प्रशासन और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि भारी बारिश की शुरुआत रात करीब एक बजे हुई थी। इसके बाद सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच प्रशासन को भूस्खलन की घटनाओं की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

SDRF, NDRF और असम राइफल्स की टीमें रेस्क्यू में जुटीं

भूस्खलन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। SDRF, NDRF, नागालैंड पुलिस, असम राइफल्स के जवान और स्थानीय लोग मिलकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

रेस्क्यू टीमों ने अब तक मलबे से तीन महिलाओं और एक पुरुष समेत चार लोगों के शव बरामद किए हैं। वहीं, घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रशासन ने बताया कि कई स्थानों पर अभी भी खोज अभियान जारी है और प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कई घर हुए क्षतिग्रस्त, लोगों में दहशत

भूस्खलन के कारण मोन जिले के कई गांवों और इलाकों में घरों को नुकसान पहुंचा है। पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने और सड़कों पर मलबा आने से लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

बारिश के कारण उत्तर पूर्वी राज्यों के कई हिस्सों में पहले से ही मुश्किल हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुख

नागालैंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बेंजामिन येप्थोमी ने मोन जिले में हुए दर्दनाक भूस्खलन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान चली गई और कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि मोन जिले में हुई इस त्रासदी से कई अनमोल जिंदगियां खत्म हो गईं। इसके अलावा मोकोकचुंग जिले के तुली क्षेत्र में भी भूस्खलन से कई परिवार प्रभावित हुए हैं।

मृतकों के परिवारों के प्रति जताई संवेदना

बेंजामिन येप्थोमी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में वह शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि पीड़ित परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति मिले।

उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की और आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति सहानुभूति जताई।

राहत कार्य में जुटे लोगों की सराहना

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने बचाव अभियान में लगे जवानों, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सा कर्मियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राहत और बचाव कार्य में जुटे सभी लोगों का समर्पण बेहद सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि बचाव दल लगातार कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

मोन जिले में प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित नहीं निकाल लिया जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा।

नागालैंड में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर भारी बारिश और भूस्खलन से होने वाले खतरे को सामने ला दिया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात सामान्य करने में जुटी हुई हैं।

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