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Bandipora IED : बांदीपोरा में चार किलो आईईडी बरामद, सुरक्षाबलों ने बड़ी आतंकी साजिश समय रहते नाकाम की

बांदीपोरा में प्रेशर कुकर के अंदर मिला 4 किलो IED, सुरक्षाबलों ने नाकाम की बड़ी आतंकी साजिश

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सुरक्षा बलों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान प्रेशर कुकर में छिपाकर रखा गया करीब 4 किलो वजनी इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस विस्फोटक का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते संभावित बड़ा नुकसान टल गया।

यह सफलता 27 असम राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान मिली। दोनों एजेंसियों ने बांदीपोरा के मंगनीपोरा गांव में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया। तलाशी के दौरान बागों में छिपाकर रखा गया एक प्रेशर कुकर मिला, जिसकी जांच करने पर उसके भीतर विस्फोटक सामग्री होने की पुष्टि हुई।

बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से किया निष्क्रिय

IED मिलने की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया और आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि IED को पहले से तैयार कर रणनीतिक स्थान पर छिपाया गया था। हालांकि इसे किस संगठन ने रखा और इसका संभावित लक्ष्य क्या था, इसकी जांच अभी जारी है।

इलाके में जारी है व्यापक तलाशी अभियान

सुरक्षा एजेंसियों ने IED बरामद होने के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया है। मंगनीपोरा और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट का भी सहारा लिया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक यह पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि इलाके में कोई अन्य विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध मौजूद नहीं है। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

आतंकवाद विरोधी अभियान लगातार तेज

जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ समय से सुरक्षा बल आतंकवाद के खिलाफ लगातार बड़े अभियान चला रहे हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर अलग-अलग जिलों में तलाशी अभियान, घेराबंदी और निगरानी बढ़ाई गई है। इसका उद्देश्य आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर करना और संभावित हमलों को पहले ही विफल करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय रणनीति के कारण आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर लगातार दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि कई बड़ी साजिशें समय रहते नाकाम की जा रही हैं।

कुछ दिन पहले शोपियां में मारा गया था LeT का अहम कमांडर

बांदीपोरा में IED बरामद होने की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़े आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के अहम कमांडर ज़ाकिर गनाई को मार गिराया था।

जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई को सुरक्षा बलों ने सर्विलांस कैमरों और खुफिया इनपुट के आधार पर शोपियां के घने बागों वाले इलाके में दो संदिग्ध आतंकियों की गतिविधि देखी थी। इसके बाद चलाए गए संयुक्त अभियान में ज़ाकिर गनाई मारा गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, वह A++ श्रेणी का आतंकवादी था और दक्षिण कश्मीर में संगठन की गतिविधियों का प्रमुख चेहरा माना जाता था।

2024 से सक्रिय था ज़ाकिर गनाई

सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, ज़ाकिर गनाई कुलगाम जिले का रहने वाला था और वर्ष 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। संगठन में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही थी और वह दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसके मारे जाने से आतंकवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।

शोपियां क्यों है संवेदनशील इलाका?

शोपियां जिला लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यह इलाका दक्षिण कश्मीर, मध्य कश्मीर और पीर पंजाल रेंज को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण ट्रांज़िट कॉरिडोर है। घने जंगल, बाग और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां इसे आतंकियों के लिए छिपने और आवाजाही का अनुकूल क्षेत्र बनाती रही हैं। यही कारण है कि सुरक्षा बल यहां नियमित रूप से बड़े स्तर पर अभियान चलाते हैं।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच जारी

बांदीपोरा में IED बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक किसने रखा, उसका लक्ष्य क्या था और इसके पीछे कौन-सा आतंकी नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के बाद ही अभियान समाप्त किया जाएगा।

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