हमीरपुर जिले में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सीधे सुनवाई की गई। यह महिला जनसुनवाई कार्यक्रम डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्यों ने स्वयं मौजूद रहकर पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनीं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता विशेष रूप से शामिल रहीं। जनसुनवाई का आयोजन प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं से जुड़े उत्पीड़न के मामलों की गहन समीक्षा करना और पीड़िताओं को समय पर न्याय दिलाना है।
जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, छेड़छाड़, साइबर अपराध और अन्य महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को गंभीरता से सुना गया। आयोग की सदस्यों ने प्रत्येक मामले पर संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 50 महिलाएं अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने आयोग के समक्ष अपनी समस्याएं खुलकर रखीं, जिस पर मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कुछ मामलों में संबंधित थानों को जांच तेज करने और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले देशभर में सामने आ रहे हैं और हमीरपुर भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, साइबर अपराध जैसे मामलों पर आयोग विशेष रूप से गंभीर है। आयोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से महिलाओं की शिकायतें स्वीकार करता है, ताकि अधिक से अधिक पीड़िताओं को न्याय मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं है, उनके लिए अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की जाएगी, ताकि पीड़ित महिलाओं को बार-बार भटकना न पड़े। आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान के साथ न्याय सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रिजवाना शाहिद, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आयोग को भरोसा दिलाया कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
महिला जनसुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया गया कि महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर सरकार और आयोग पूरी तरह गंभीर हैं और पीड़िताओं को हर संभव न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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