उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद सिद्धार्थनगर के लिए निर्धारित अपने एक दिवसीय दौरे के तहत आज सुबह कपिलवस्तु क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक पिपरहवा बौद्ध स्तूप पर पहुंचकर विधिवत परिक्रमा की। इसके बाद उन्होंने वहां स्थित विपश्यना केंद्र का निरीक्षण किया और बौद्ध विरासत से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शांति, करुणा और अहिंसा के प्रतीक भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को आत्मसात करने का संदेश दिया।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जिला प्रशासन द्वारा आयोजित भव्य “सिद्धार्थनगर महोत्सव” में भी शामिल हुए। यह महोत्सव सिद्धार्थनगर की समृद्ध बौद्ध विरासत, लोककला, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। महोत्सव परिसर में पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
महोत्सव के मंच से उपमुख्यमंत्री ने महिला जागरूकता कार्यक्रम में सहभागिता की और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों से जुड़े स्टॉलों का भी निरीक्षण किया तथा कार्यों की सराहना की।
अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कपिलवस्तु की धरती से भगवान बुद्ध ने विश्व को शांति का संदेश दिया था। पिपरहवा बौद्ध स्तूप न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था और इतिहास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिपरहवा को वैश्विक बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थनगर भले ही आज पिछड़ा जिला माना जाता हो, लेकिन विकास की गति को देखते हुए वह दिन दूर नहीं जब यह एक अग्रणी जिला बनेगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का खजाना सिद्धार्थनगर के विकास के लिए खुला है और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन तथा बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्ष 2027 में भी भारतीय जनता पार्टी 2017 की तरह ऐतिहासिक विजय दोहराएगी और उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, सपा और बसपा का उत्तर प्रदेश में कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक श्याम धनी राही, पूर्व मंत्री एवं बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सिद्धार्थनगर महोत्सव के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिली है और पिपरहवा जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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