
जिला संवाददाता।
देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण भारत पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर मोदी सरकार ने विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत की, जिसके तहत पूरे प्रशासनिक अमले को गांव-गांव तक पहुंचाया गया। इस यात्रा का उद्देश्य ग्रामीणों को केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
इसी तर्ज पर प्रदेश की योगी सरकार ने भी प्रशासन गांव की ओर अभियान को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को रोस्टर वाइज ग्रामीण चौपाल आयोजित करने की व्यवस्था लागू की। इसके तहत प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे गांवों में भेजकर न सिर्फ योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर ही सुनकर समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल निश्चित रूप से एक बेहतर और सराहनीय प्रयोग मानी जा रही है, लेकिन इसकी सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर यह कवायद केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाती है, जिससे समस्याओं का वास्तविक समाधान नहीं हो पाता।
इसी क्रम में आज जिले के बांसी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत एकडेंगवा में ग्रामीण चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में पूरा जिला प्रशासन मौजूद रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं और त्वरित समाधान की मांग की।
ग्रामीण चौपाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आवास, पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। प्रशासन की ओर से कई मामलों में मौके पर ही समाधान का आश्वासन दिया गया, जबकि कुछ समस्याओं के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह की चौपालें नियमित रूप से ईमानदारी और गंभीरता के साथ आयोजित की जाएं, तो गांवों की समस्याएं गांव में ही हल हो सकती हैं और लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
फिलहाल, प्रशासन गांव की ओर अभियान को लेकर ग्रामीणों में उम्मीद तो है, लेकिन अब नजर इस बात पर टिकी है कि घोषणाओं और आश्वासनों पर कितना अमल होता है।




