Thursday , March 19 2026

Bharat Mukti Morcha Protest – भारत मुक्ति मोर्चा का राष्ट्रव्यापी आंदोलन, 725 जिलों में राष्ट्रपति को ज्ञापन

भारत मुक्ति मोर्चा ने आज देशभर में एक साथ बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। संगठन ने RSS–BJP पर संवैधानिक अधिकारों के हनन का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे देश के 725 जिलों में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह आंदोलन ओडिशा में बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा के प्रस्तावित राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द किए जाने और जाति आधारित जनगणना से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। संगठन ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला बताया है।

भारत मुक्ति मोर्चा और उससे जुड़े बहुजन संगठनों के आह्वान पर आज देशभर में एक साथ विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए गए। आरोप है कि ओडिशा के कटक में 26 से 30 दिसंबर 2025 तक प्रस्तावित बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन को RSS–BJP से जुड़े लोगों के दबाव में साजिशपूर्वक रद्द कराया गया। जबकि इस अधिवेशन के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी अनुमतियां पहले ही प्राप्त कर ली गई थीं।

संगठन का दावा है कि इस अधिवेशन में देश और विदेश से हजारों प्रतिनिधियों के शामिल होने की तैयारी थी, लेकिन ऐन वक्त पर अनुमति रद्द किए जाने से बहुजन संगठनों को भारी आर्थिक और संगठनात्मक नुकसान उठाना पड़ा। भारत मुक्ति मोर्चा का कहना है कि यह केवल एक कार्यक्रम को रोकने का मामला नहीं है, बल्कि संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संगठन की स्वतंत्रता और जाति आधारित जनगणना जैसे संवैधानिक मुद्दों को दबाने की साजिश है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष/संयोजक पारस नाथ ने कहा कि हमारा राष्ट्रीय अधिवेशन पूरी तरह संवैधानिक और लोकतांत्रिक था। RSS–BJP के दबाव में प्रशासन द्वारा अनुमति रद्द किया जाना बहुजन समाज के अधिकारों का खुला हनन है। यदि हमारी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन पूरे देश में और तेज किया जाएगा।

भारत मुक्ति मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि ओडिशा में रद्द किए गए राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति तत्काल बहाल की जाए, आयोजकों और कार्यकर्ताओं को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए और संविधान उल्लंघन के मामले में अनुच्छेद 356 के तहत ओडिशा सरकार को बर्खास्त किया जाए।

संगठन ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा भी घोषित कर दी है। भारत मुक्ति मोर्चा के अनुसार, यह आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन का रूप लेगा। तय कार्यक्रम के तहत 15 जनवरी 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा, 22 जनवरी 2026 को जिला मुख्यालयों पर रैली आयोजित होगी और 22 फरवरी 2026 को नागपुर स्थित RSS मुख्यालय पर विशाल महारैली कर घेराव किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और अधिक व्यापक तथा तेज किया जाएगा।

Check Also

Sirsi Makhadumpur Phoolsinha conflict-संभल में 160 बीघा सरकारी जमीन पर विवाद, दलित परिवार और ग्रामीण आमने-सामने

संभल (उत्तर प्रदेश)। जनपद संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के नगर पंचायत सिरसी और …