हमीरपुर जनपद के मौदहा क्षेत्र से एक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। बुंदेलखंड की जीवनदायिनी कही जाने वाली चन्द्रावल नदी का कायाकल्प अब पूरी तरह से हो चुका है। जिलाधिकारी की विशेष पहल और प्रशासनिक प्रयासों के बाद न केवल नदी का जीर्णोद्धार सफलतापूर्वक पूरा हुआ है, बल्कि अब इसके तट पर काशी और हरिद्वार की तर्ज पर प्रतिदिन महाआरती का आयोजन भी किया जाएगा।
यह मामला मौदहा क्षेत्र के छिमौली गांव का है, जहां बुंदेलखंड सृजन परिवार के तत्वावधान में भव्य मां चन्द्रावल महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सृजन परिवार के संरक्षक शिव कुमार पांडेय ने घोषणा की कि अब से चन्द्रावल नदी के तट पर हर दिन नियमित रूप से महाआरती की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नदी के प्रति जन-आस्था को सुदृढ़ करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और नदी को स्वच्छ व अविरल बनाए रखना है।
महाआरती के इस पावन अवसर पर उपजिलाधिकारी करणवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने जिलाधिकारी की इस पहल की खुले शब्दों में सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में बुंदेलखंड सृजन परिवार के मुखिया उत्तम सिंह, ब्लॉक प्रमुख सुशीला देवी, उनके प्रतिनिधि लालाराम निषाद सहित सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी रही। नदी में पुनः जलधारा प्रवाहित होने और धार्मिक आयोजनों की शुरुआत से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि इससे न केवल धार्मिक आस्था बढ़ेगी बल्कि नदी संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी भी मजबूत होगी।
इस आयोजन में रामदेव सिंह, अतुल सिंह, राजकुमार सिंह, अजय तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। चन्द्रावल नदी के पुनर्जीवन और महाआरती की शुरुआत को बुंदेलखंड के लिए एक नई पहचान और नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।
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