भाजपा सरकार में भाजपा अध्यक्ष असुरक्षित
कुशीनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ भाजपा से निर्वाचित सुकरौली नगर पंचायत अध्यक्ष पर हमले की कोशिश ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मामला इतना गंभीर है कि अब खुद भाजपा के जनप्रतिनिधि अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। घटना हाटा तहसील क्षेत्र के सुकरौली नगर पंचायत की है, जहाँ नहर की जमीन की पैमाइश के दौरान हालात बेकाबू हो गए।
जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग द्वारा नहर की जमीन की नाप-जोख के लिए विभागीय टीम मौके पर पहुँची थी। इस दौरान सुकरौली नगर पंचायत अध्यक्ष राजनेत कश्यप भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौके पर मौजूद थे। नगर अध्यक्ष का कहना है कि कुछ वर्ष पूर्व उनके पिता द्वारा जमीन खरीदी गई थी, जिसकी गाटा संख्या पूरी तरह अलग है।
नगर अध्यक्ष के अनुसार उनकी जमीन के पीछे कुछ अन्य लोगों की जमीन है, जो यह आरोप लगा रहे हैं कि उनकी जमीन का कुछ हिस्सा नगर अध्यक्ष की जमीन में चला गया है। हालांकि इस मामले में पहले ही धारा 24 के अंतर्गत ADM प्रशासन की मौजूदगी में पैमाइश कराई जा चुकी है, जिसमें नगर अध्यक्ष की जमीन चारों ओर से पूरी पाई गई थी और आरोप लगाने वालों की जमीन कहीं भी कम नहीं पाई गई।
इसके बावजूद आरोप लगाने वालों द्वारा सिंचाई विभाग में शिकायत की गई, जिसके बाद सिंचाई विभाग ने भी दोबारा पैमाइश कराई। जांच में नहर की जमीन भी अपनी जगह सही पाई गई। नगर अध्यक्ष का आरोप है कि जब विरोधियों को कहीं से भी कोई आधार नहीं मिला, तब उनके इशारे पर यह पूरी घटना कराई गई।
आरोप है कि पैमाइश के दौरान ही कुछ मनबढ़ और उग्र लोगों ने लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर लेकर नगर अध्यक्ष पर हमला करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने घर की महिलाओं को आगे कर नगर अध्यक्ष को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हालात की गंभीरता साफ तौर पर देखी जा सकती है।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भीड़ उग्र हो गई, लेकिन नगर अध्यक्ष के समर्थकों ने सूझबूझ दिखाते हुए बीच-बचाव किया और किसी तरह अध्यक्ष को सुरक्षित भीड़ से बाहर निकाला।
नगर अध्यक्ष राजनेत कश्यप का आरोप है कि उनके विरोधियों ने पहले भोले-भाले लोगों को भड़काया और फिर उनके ऊपर हमला करवाने की साजिश रची। नगर अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसके जिम्मेदार वही लोग होंगे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करने की बात कही है।
अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब भाजपा सरकार में भाजपा के निर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? क्या दोषियों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा या मामला दबाकर खानापूरी कर दी जाएगी? फिलहाल पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
राजनेत कश्यप
नगर पंचायत अध्यक्ष, सुकरौली**
“मेरे पिता जी ने कई साल पहले यह जमीन खरीदी थी, जिसकी गाटा संख्या अलग है। मेरी जमीन की पैमाइश ADM प्रशासन की मौजूदगी में धारा 24 के तहत हो चुकी है, जिसमें मेरी जमीन चारों तरफ से पूरी पाई गई। जिन लोगों ने आरोप लगाए, उनकी जमीन भी कहीं कम नहीं पाई गई।
इसके बाद भी उन्होंने सिंचाई विभाग में शिकायत की। सिंचाई विभाग ने भी पैमाइश की और नहर की जमीन भी अपनी जगह सही पाई गई। जब कहीं से भी कुछ नहीं मिला तो मेरे विरोधियों के इशारे पर भोले-भाले लोगों को भड़काकर मेरे ऊपर हमला करवाने की कोशिश की गई।
घटना के दौरान मुझे घेरकर धक्का-मुक्की की गई, महिलाओं को आगे किया गया और हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। अगर समय रहते मेरे समर्थक बीच में न आते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। अगर मुझे या मेरे परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसके पूरी तरह जिम्मेदार वही लोग होंगे। मैं इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करूंगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूँ।”
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