
राहत और बचाव कार्य के दौरान सोनू भागीरथी के सैलाब में बह गए थे। वह इस वक्त जिला अस्पताल उत्तरकाशी के आईसीयू में भर्ती हैं।
उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले सोनू ने बताया कि उनकी बहनें उन्हें बार-बार फोन करके रक्षाबंधन पर घर आने के लिए कह रही थीं लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिल पाई थी। जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती सोनू ने अमर उजाला टीम से खास बातचीत में बताया कि 5 अगस्त को धराली में आई आपदा की सूचना पर उनकी 18 जवानों की टुकड़ी को राहत और बचाव कार्य के लिए भेजा गया था। जैसे ही हम हर्षिल नाला पार कर रहे थे अचानक मलबा आ गिरा।




