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दस मिनट तक तार से चिपका रहा मासूम…करंट से उधड़ गई चमड़ी; बेटे का शव देख दुबई में पिता के हाथ से छूटा फोन

लखनऊ में बिजली विभाग की लापरवाही ने सात साल के मासूम की जान ले ली। बिना जाली लगे ट्रांसफार्मर के पास से गेंद निकालने के चक्कर में खुले तार से करंट लगने से मासूम की मौत हो गई। मामले में फीडर मैनेजर निलंबित कर दिया गया है। साथ ही जांच कमेटी गठित कर दी गई है।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दर्दनाक खबर सामने आई है। लखनऊ में बिजली विभाग की लापरवाही ने रविवार सुबह फूलबाग स्थित शंकरपुरी कॉलोनी के एक मासूम की जिंदगी छीन ली। गेंद निकालने के लिए सात साल का फहद कॉलोनी में स्थित पार्क के ट्रांसफार्मर पेटी के यार्ड में चला गया, जहां करंट लगने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जिस गेट से वह अंदर गया, उस पर कोई सुरक्षा जाली नहीं थी। घटना के बाद फीडर मैनेजर संविदा कर्मी अमरजीत को निलंबित कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए हुसैनगंज के एक्सईएन अरुण कुमार भारती ने एक कमेटी का गठन किया है।हादसा हुसैनगंज खंड के विधानसभा मार्ग उपकेंद्र इलाके में हुआ। मृतक की ताई कमरुलनिशा के मुताबिक, फूलबाग स्थित शंकरपुरी कॉलोनी निवासी फरीद का बेटा फहद सुबह नौ बजे छोटे भाई फरहान के साथ पार्क में खेलने गया था। बाद में और बच्चे वहां आ गए।

बिजली के खुले तार से चिपक गया फहद
इस दौरान उनकी गेंद पार्क के ही एक तरफ स्थित 400 केवी ट्रांसफार्मर पेटी के यार्ड में चली गई। गेंद निकालने के दौरान फहद बिजली के खुले तार से चिपक गया। यह देख सभी बच्चे डर कर भाग गए। किसी ने अपने घर में फहद को करंट लगने का जिक्र तक नहीं किया।मोहल्ला निवासी ऑटो चालक मो. अतीक जब पार्क से ऑटो निकालने पहुंचे तो उन्होंने फहद को तार से चिपका देखा। उनके चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने उपकेंद्र पर सूचना देकर बिजली बंद कराई और फहद को बाहर निकाला।

दुबई में बुक बाइंडिंग का काम करते हैं फहद के पिता फरीद
आनन-फानन फहद को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फहद के पिता फरीद दुबई में बुक बाइंडिंग का काम करते हैं जो सूचना पाकर वापस लौट रहे हैं।

वहीं आसपास के लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर पेटी यार्ड के गेट पर जाली लगाने के लिए कई बार बिजली कर्मियों से कहा गया, लेकिन उन्होंने इसे ठीक नहीं किया।
करंट से उधड़ी चमड़ी देख बेहोश गई मां
अनुमान है कि फहद करीब 10 मिनट तक करंट से चिपका रहा जिससे झुलसकर उसके शरीर की चमड़ी उधड़ गई थी। मोहल्ले के लोग जब फहद का शव लेकर घर पहुंचे तो मां फिरदौस गश खाकर बेहोश हो गई। फहद मोहल्ले के पास स्थित कस्तूरबा स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। फहद के दो अन्य भाई फरहान व अरहान हैं।
कैसरबाग इंसपेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा के मुताबिक, फहद के परिजनों ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी। परिजनों ने फहद की मौत को एक हादसा मानते हुए उसका पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने पंचनामा करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम न कराने पर हुए विवाद के कारण पुलिस पांच घंटे तक मौजूद रही। शव को आइस बॉक्स में रखा गया।
फहद की मौत से बिजली वालों के खिलाफ जनाक्रोश भड़क गया। लोगों ने सड़क जाम और प्रदर्शन के लिए उग्र हुए, मगर कुछ लोगों ने नाराज लोगों को समझा-बुझाकर रोका। आरोप है कि ट्रांसफार्मर पेटी यार्ड के गेट पर जाली लगाने के लिए कई बार बिजली कर्मियों से कहा गया, लेकिन उनकी उदासीनता के कारण ही ये हादसा हुआ है।

इंस्पेक्टर कैसरबाग ने आक्रोश देखते हुए बिजली वालों से घटना स्थल पर आने से रोक दिया। हुसैनगंज के एक्सईएन अरुण कुमार भारती ने बताया कि इंस्पेक्टर के मना करने पर वह परिवार से मिलने नहीं गए। प्रकरण की जांच के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय को पत्र लिखा गया है। क्षतिपूर्ति के सवाल पर एक्सईएन ने जवाब दिया कि फिलहाल विभाग की तरफ से ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

फहद ने फिरदौस की कोख से जन्म जरूर लिया था, मगर मैं उसे अपने बेटे से अधिक प्यार करती थी। वह मेरा लख्ते जिगर था। मुझे छोड़ कर चला गया। अब मैं कैसे रहूंगी… ये सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि पीड़ा थी, जो कैसरबाग के शंकरपुरी कॉलोनी निवासी फहद की ताई कमरुनिशा के रुंधे गले से निकल रही थी।

रविवार सुबह करीब 10 बजे घर के पास शंकरपुरी कॉलोनी पार्क में रखे ट्रांसफार्मर के करंट की चपेट में आने से सात वर्ष के फहद की मौत हो गई। फहद का शव घर पहुंचते ही मां फिरदौस गश खाकर जमीन पर गिर गईं।

ताई लाडले की मौत की खबर दुबई में काम कर रहे उसके पिता फरीद को देने की हिम्मत न जुटा सकीं। लोगों ने उन्हें ढाढ़स बंधाया तो कमरुनिशा ने कांपते हुए फरीद को वीडियो कॉल किया। लोगों ने जैसे ही फहद के चेहरे से कपड़ा हटाया तो पिता के हाथ से मोबाइल छूट कर गिर गया।

कुछ देर फूट-फूट कर रोने के बाद उन्होंने खुद को संभाला। कहा, वो घर के लिए निकल रहे हैं। फहद का शव देख पड़ोसी भी अपने आंसुओं को न रोक सके। मोहल्ले में सन्नाटे के बीच फहद के घरवालों की चीत्कार दीवारों से टकराकर कानों में गूंजती रही।

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