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जानिए विजया एकादशी का कब रखें व्रत, जानें यहां-

विजया एकादशी का मान इस साल 16 व 17 फरवरी दोनों दिन रहेगा। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि आखिर एकादशी व्रत रखना किस दिन उत्तम रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, कभी-कभी एकादशी व्रत लगातार दो दिनों के लिए हो जाता है। एक एकादशी व्रत दो दिन होता है तब स्मार्त-परिवारजनों को पहले दिन एकादशी व्रत करना चाहिए। दूसरे दिन वाली एकादशी को दूजी एकादशी कहा जाता है। इस दिन सन्यासियों और मोक्ष प्राप्ति के इच्छुक भक्तों को दूजी एकादशी के व्रत करना चाहिए। दूजी एकादशी को ही वैष्णव एकादशी कहा जाता है। इस तरह से श्रद्धालु या भक्तों के लिए 16 फरवरी के दिन एकादशी व्रत करना शुभ रहेगा। दोनों दिन रख सकते हैं व्रत- भगवान विष्णु के आशीर्वाद और कृपा के इच्छुक परम भक्तों को दोनों दिन एकादशी व्रत करने की सलाह दी जाती है। कभी-कभी एकादशी के लिए दो तिथि मान्य होती है, इसका क्या कारण है? ऐसी स्थिति में जब एकादशी के लिये लगातार दो तिथि मान्य हों तब आप पहली तारीख को एकादशी व्रत का पालन करें। जब व्रत का पालन एक दिन के लिए किया जाता है, तब पहली तारीख को ही प्राथमिकता दी जाती है। एकादशी का व्रत एक दिन के लिये रखना ही सबसे ज्यादा प्रचलित है, चाहें एकादशी दो दिन के लिए मान्य क्यों न हो। लेकिन अगर आपमें सहन-शक्ति है तो आप दो दिन का व्रत भी रख सकते हैं। विजया एकादशी शुभ मुहूर्त 2023- एकादशी तिथि प्रारम्भ – फरवरी 16, 2023 को 05:32 ए एम बजे और एकादशी तिथि समाप्त – फरवरी 17, 2023 को 02:49 ए एम बजे तक। 18 फरवरी को एकादशी व्रत पारण का समय- 18 फरवरी को वैष्णव एकादशी व्रत पारण का समय सुबह 06 बजकर 57 मिनट से सुबह 09 बजकर 12 मिनट तक है। पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी।

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