Yogi Adityanath ने आज बड़ा फैसला लेते हुए बांग्लादेश से आए 331 परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने की घोषणा की है। यह कदम लंबे समय से बसे शरणार्थी परिवारों को स्थायी पहचान और अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ये परिवार वर्षों से Uttar Pradesh के विभिन्न जिलों में रह रहे थे, लेकिन उनके पास जमीन का वैध स्वामित्व नहीं था। अब सरकार द्वारा इन्हें कानूनी रूप से जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा, जिससे उन्हें आवास, बैंक लोन, और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री आज एक कार्यक्रम के दौरान इन परिवारों को जमीन के कागजात सौंपेंगे। इस पहल को सामाजिक न्याय और पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि इससे इन परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा और वे मुख्यधारा में पूरी तरह शामिल हो सकेंगे।
Lakhimpur Kheri से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां आज शनिवार को Yogi Adityanath द्वारा बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए गए। यह कदम वर्षों से भूमि पर रहने के बावजूद कानूनी स्वामित्व से वंचित परिवारों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लखीमपुर खीरी में बसे 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देकर उन्हें स्थायी पहचान और अधिकार प्रदान किए हैं। यह कार्यक्रम न केवल पुनर्वास बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक ये सभी परिवार बांग्लादेश से वर्षों पहले विस्थापित होकर भारत आए थे और लंबे समय से लखीमपुर खीरी के विभिन्न गांवों में रह रहे थे। हालांकि इन्हें पहले जमीन आवंटित तो की गई थी, लेकिन कानूनी स्वामित्व नहीं मिल पाया था। अब राज्य सरकार ने इन परिवारों को संक्रमणीय और असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र देकर उनकी दशकों पुरानी समस्या का समाधान किया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सम्मान और सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल के साथ ही जिले में 417 करोड़ रुपये की लागत से 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
बताया जा रहा है कि इन परिवारों को अलग-अलग गांवों में कृषि योग्य भूमि भी दी गई है, जिससे उनकी आजीविका मजबूत हो सके। सरकार द्वारा इन्हें विभिन्न योजनाओं जैसे आवास, राशन, पेंशन और किसान योजनाओं से भी जोड़ा गया है, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पलिया क्षेत्र में थारू जनजाति के हजारों परिवारों को भी भूमि अधिकार पत्र देने का कार्यक्रम किया। सरकार का कहना है कि यह पहल न केवल विस्थापित परिवारों को अधिकार दिलाने का प्रयास है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में पूरी तरह शामिल करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।
लखीमपुर खीरी में 331 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरण का यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल इन परिवारों को स्थायित्व मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित भविष्य का रास्ता खुलेगा।
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