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Sen Paschim Para police station case-पति की मौत के बाद विधवा को तीन बच्चों समेत घर से निकाला, दर-दर भटकने को मजबूर

कानपुर नगर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला को उसके ससुरालियों द्वारा घर से निकाल देने का मामला सामने आया है। पति की मौत के बाद तीन छोटे बच्चों के साथ रह रही महिला को घर से बेदखल कर दिया गया। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने महिला का सामान भी घर के बाहर फेंक दिया, जिसके बाद पीड़िता अपने बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर हो गई है।

मामला सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर श्रीनगर इलाके का बताया जा रहा है। पीड़ित महिला उषा कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि उसके पति की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ ससुराल के घर में रह रही थी। लेकिन पति की मौत के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे और घर छोड़ने का दबाव बनाने लगे।

महिला का आरोप है कि बीते दिनों ससुरालियों ने उसके साथ अभद्रता की और जबरन घर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, उसके घर का सारा सामान भी बाहर फेंक दिया गया। अचानक हुई इस घटना से महिला और उसके बच्चे पूरी तरह असहाय हो गए और उनके सामने रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई।

पीड़िता उषा कुशवाहा का कहना है कि उसने इस मामले की शिकायत सेन पश्चिम पारा थाने में की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का आरोप है कि पुलिस ने दो बार दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करवा दिया और मामला टाल दिया। इसके बाद भी ससुराल पक्ष का व्यवहार नहीं बदला और आखिरकार उसे बच्चों सहित घर से निकाल दिया गया।

महिला ने बताया कि उसके तीनों बच्चे अभी छोटे हैं और उनके पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर है। ऐसे में घर से बेघर कर दिए जाने के बाद वह बेहद परेशान है और बच्चों के साथ इधर-उधर भटकने को मजबूर हो गई है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में भी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक विधवा महिला को इस तरह घर से निकालना बेहद अमानवीय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़िता को न्याय दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की गई होती तो शायद महिला को इस तरह बेघर होने की नौबत नहीं आती। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पीड़िता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे और उसके बच्चों को रहने के लिए सुरक्षा और न्याय दिलाया जाए। साथ ही ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और महिला के साथ इस तरह की घटना न हो।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

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