जनपद बदायूं के म्याऊं ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत वनबौसरी में घुमंतू सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव और आसपास के खेतों में खुलेआम घूम रहे सांडों के कारण ग्रामीणों और किसानों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। हालात इस कदर भयावह हो चुके हैं कि किसान अब अपनी फसलों की रखवाली के लिए खेतों पर जाने से भी डरने लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में एक घुमंतू सांड ने अचानक कई लोगों पर हमला कर दिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सांड के हमले में लोगों के घायल होने की आशंका को देखते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने किसी तरह सांड को पकड़कर बांध दिया। इसके बाद तत्काल म्याऊं ब्लॉक के संबंधित अधिकारियों को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी गई और मौके पर टीम भेजने की मांग की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक टीम के गांव पहुंचने से पहले ही ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों को गुमराह कर सांड को छुड़वा दिया। सांड को छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही गांव में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान के इस कदम से उनकी जान-माल की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और अब सांड के दोबारा हमला करने की आशंका बनी हुई है।
किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि रात के समय जब वे फसलों की रखवाली के लिए खेतों पर जाते हैं, तब सांडों का सबसे ज्यादा आतंक देखने को मिलता है। सांडों को भगाने की कोशिश करने पर वे अचानक हमला कर देते हैं। किसानों ने कहा कि खेतों के चारों ओर लगाए गए तार भी जानलेवा साबित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का दर्द बयां करते हुए एक किसान ने कहा,
“अगर सांड से बच जाते हैं तो खेतों में लगे तारों से घायल हो जाते हैं, और अगर तार से बच गए तो सांड से नहीं बच पाते।”
ग्रामीणों का कहना है कि सांडों के डर से कई किसानों ने रात में खेतों पर जाना ही बंद कर दिया है, जिससे फसलें बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घुमंतू पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने मांग की कि गांव में घूम रहे सांडों को तत्काल पकड़कर गौशालाओं में भेजा जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाएगा, तब तक किसान और ग्रामीण भय के साये में जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और ग्राम पंचायत वनबौसरी को घुमंतू सांडों के आतंक से कब मुक्ति मिलती है।
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