श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश): श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है।

यहाँ 27 वर्षीय विवाहिता मीरा देवी पत्नी हरीश ने कथित रूप से अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मौके पर भारी भीड़ जुट गई और हर कोई यह जानने की कोशिश करने लगा कि आखिर एक मां ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
घटना कबीर नगर मोहल्ले, कस्बा इकौना की बताई जा रही है। सुबह के समय जब परिवार के सदस्य मीरा के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ। काफी देर दस्तक देने के बाद जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर मीरा फांसी के फंदे से लटकती मिली। यह दृश्य देखकर परिवारजन और आसपास के लोग सन्न रह गए।
सूचना मिलते ही इकौना थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मृतका मीरा देवी के तीन छोटे बच्चे हैं — बड़ी बेटी नेहा (5 वर्ष), बेटा ऋषि (4 वर्ष) और एक दो माह की मासूम बच्ची। मां की मौत की खबर से बच्चे लगातार बेसुध परिवार को देख रहे हैं, जिससे माहौल और भी भावुक हो उठा है। परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मीरा देवी का परिवार शांत स्वभाव का था और किसी विवाद की जानकारी पहले कभी सामने नहीं आई थी। मोहल्ले की एक महिला ने बताया कि,
“मीरा बहुत ही सरल और परिवार-प्रेमी महिला थी। किसी ने नहीं सोचा था कि वह ऐसा कदम उठा सकती है।”
इकौना थाना प्रभारी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भिनगा भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
“फिलहाल यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। परिवार से पूछताछ की जा रही है ताकि सही कारण सामने आ सके।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि मीरा देवी मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद से गुजर रही हो सकती थीं। हालांकि अभी पुलिस ने किसी ठोस वजह की पुष्टि नहीं की है। मृतका के मायके पक्ष को भी सूचना दे दी गई है और वे श्रावस्ती पहुंच रहे हैं। उनके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर उस सामाजिक मुद्दे को उजागर करती है जिसमें मानसिक तनाव और घरेलू कलह के कारण कई महिलाएं चुपचाप अपनी जान दे देती हैं। समाज में महिलाओं की मानसिक स्थिति, पारिवारिक दबाव और संवादहीनता जैसी परिस्थितियाँ इस तरह के कदम को बढ़ावा देती हैं।
स्थानीय समाजसेवी सीमा अग्रवाल ने कहा,
“ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिस जांच काफी नहीं है। हमें परिवारों में संवाद बढ़ाने और महिलाओं के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें।”
कबीर नगर मोहल्ले में पूरे दिन शोक का माहौल बना रहा। लोगों का तांता लगा रहा और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाता दिखा। गांव में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि मीरा जैसी हंसमुख महिला आखिर किन हालात में टूट गई।
पुलिस ने कहा कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है — क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
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