होली जैसे प्रमुख पर्व को दृष्टिगत रखते हुए जहां एक ओर जनपद संभल में लोग त्योहार की तैयारियों में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने जनता की सेहत और खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीमों ने पूरे जनपद में विशेष जांच अभियान चलाया है। इस दौरान मिठाई की दुकानों, किराना स्टोर्स और खाद्य पदार्थों के विक्रेताओं पर छापामारी कर सैंपल लिए गए जिन्हें जांच प्रयोगशाला भेजा गया है।

डीएम के निर्देश: मिलावटखोरी पर सख्त निगरानी
जिलाधिकारी संभल ने त्योहारों के अवसर पर खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि होली पर्व के दौरान नकली रंग, मिलावटी मिठाइयां या घटिया क्वालिटी के खाद्य पदार्थ बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक तक शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचे।
डीएम के आदेश के अनुसार प्रत्येक खाद्य निरीक्षक को अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से निरीक्षण करने और संदिग्ध दुकानों से नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी व्यापारी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनपद भर में चला छापामार अभियान
खाद्य विभाग की टीमों ने शनिवार और रविवार को जनपद संभल के प्रमुख बाजारों, मिठाई मंडियों, किराना दुकानों और डेयरियों में छापेमारी की। रजपुरा थाना क्षेत्र में विशेष रूप से अभियान चलाया गया, जहां अधिकारियों को कुछ दुकानों में मिठाइयों की गुणवत्ता संदिग्ध मिली। टीम ने मौके से सैंपल लेकर लैब भेजे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, जांच में यह देखा गया कि कई दुकानों में मिठाइयों को खुले में रखा गया था, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। कुछ स्थानों पर पुराने तेल और खोये के उपयोग की भी संभावना जताई गई है। इन सभी मामलों में सैंपलिंग की गई है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मिठाई दुकानों और किराना व्यापारियों में हलचल
जैसे ही खाद्य विभाग की टीमें शहर और कस्बों में पहुंचीं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदारों ने अपने स्टोर अस्थायी रूप से बंद कर लिए जबकि कुछ ने तत्काल सफाई अभियान शुरू कर दिया। विभाग के अधिकारियों ने दुकानदारों से उनके स्टॉक, बिल और रजिस्टर भी जांचे ताकि पता चल सके कि खाद्य सामग्री किस स्रोत से खरीदी गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि त्योहारों पर सबसे अधिक मिलावट दूध, खोये, घी, तेल और रंगों में पाई जाती है। इसीलिए जांच के लिए इन्हीं सामग्रियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रजपुरा थाना क्षेत्र की कार्रवाई
रजपुरा थाना क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम को मिठाई विक्रेताओं के यहां से संदिग्ध खोया और रंगीन मावा मिला। संदेह होने पर टीम ने मौके से नमूने लेकर सील किए और जांच प्रयोगशाला को भेज दिए। बताया जा रहा है कि कुछ दुकानदारों ने बिल और स्रोत का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया, जिस पर विभाग ने चेतावनी जारी की है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिन दुकानदारों के सैंपल फेल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया
संभल शहर के नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटी सामान से सबसे अधिक खतरा बच्चों और बुजुर्गों को होता है। प्रशासन की इस सख्ती से दुकानदार सावधान रहेंगे।
दूसरी ओर कुछ मिठाई विक्रेताओं ने कहा कि उन्हें पहले से जानकारी दी जाती तो वे अपने उत्पादों की जांच स्वयं करवा लेते। हालांकि, अधिकतर व्यापारी इस बात से सहमत दिखे कि मिलावटखोरी पर रोक लगाना आवश्यक है।
विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
खाद्य विभाग ने दुकानदारों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनका पालन करना आवश्यक है —
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सभी खाद्य उत्पादों पर सही लेबल, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि अंकित होनी चाहिए।
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मिठाई बनाने में शुद्ध घी, दूध और प्रमाणित खोये का प्रयोग अनिवार्य है।
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किसी भी प्रकार के रासायनिक रंगों, कृत्रिम मिठास या अस्वच्छ सामग्री का उपयोग प्रतिबंधित है।
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भंडारण स्थल साफ-सुथरा और कीट-मुक्त होना चाहिए।
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खुले में रखी मिठाइयों और खाद्य पदार्थों को तुरंत ढका जाए।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी बड़ी कार्रवाई
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी लिए गए सैंपल्स को सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी सैंपल में मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदार पर कार्रवाई की जाएगी।
संभावित दंड के रूप में जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और कानूनी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। अधिकारी ने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं को सतर्क किया जा सके।
विभाग की सतर्कता और आगामी योजनाएँ
खाद्य विभाग ने बताया कि यह अभियान सिर्फ त्योहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी समय-समय पर ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे। जिलाधिकारी के आदेश पर अब एक निगरानी सेल बनाया गया है जो लगातार बाजारों में गुणवत्ता जांच करेगा।
इसके अलावा विभाग ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य सामग्री या मिलावट की शिकायत सीधे खाद्य विभाग या हेल्पलाइन नंबर पर करें।
जनहित में संदेश
खाद्य विभाग ने जनता से आग्रह किया है कि वे केवल प्रमाणित दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। किसी भी खाद्य उत्पाद की पैकिंग, लेबल और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें। अगर किसी मिठाई या रंग में अजीब स्वाद या गंध महसूस हो तो उसे न खरीदें और तुरंत विभाग को सूचना दें।
संभल में चलाए गए इस अभियान से यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब मिलावटखोरी के खिलाफ पूरी तरह गंभीर है। होली जैसे पर्व पर जब मिठाइयों और रंगों की खपत बढ़ जाती है, ऐसे समय पर इस तरह की कार्रवाई जनता की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है।
डीएम के नेतृत्व में खाद्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि अब कोई भी दुकानदार जनता की सेहत से खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। यह कदम संभल को स्वच्छ, सुरक्षित और मिलावटमुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन का मजबूत प्रयास माना जा रहा है।
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