
नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2026 के पहले दौर में भारतीय क्रिकेट टीम के कई बड़े खिलाड़ियों की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले अपनी फॉर्म और लय हासिल करने के इरादे से घरेलू क्रिकेट में उतरे यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल बल्ले से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। जायसवाल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, जबकि राहुल केवल 4 रन ही बना सके। दूसरी ओर, मोहम्मद शमी ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा। वहीं, पृथ्वी शॉ ने अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को मजबूती देने का प्रयास किया।
जायसवाल और राहुल सस्ते में लौटे पवेलियन
रणजी ट्रॉफी के पहले दौर में मुंबई और चंडीगढ़ के बीच वानखेड़े स्टेडियम में मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में मुंबई की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे यशस्वी जायसवाल बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया, लेकिन अपना खाता भी नहीं खोल सके और शून्य पर आउट हो गए। घरेलू क्रिकेट में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी, ऐसे में उनकी इस शुरुआत ने जरूर निराश किया होगा।
वहीं, कर्नाटक और आंध्र के बीच खेले जा रहे मुकाबले में केएल राहुल का बल्ला भी खामोश रहा। राहुल 11 गेंदों पर सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले यह मुकाबला उनके लिए अपनी बल्लेबाजी की लय हासिल करने का अच्छा मौका था। हालांकि, शुरुआती नाकामी के बावजूद उनके पास आगामी मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर रहेगा।
पृथ्वी शॉ ने खेली 70 रनों की पारी
एक तरफ जहां जायसवाल और राहुल बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, वहीं महाराष्ट्र के कप्तान पृथ्वी शॉ ने बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र और सर्विसेज के बीच दिल्ली के पालम स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में शॉ ने 73 गेंदों पर 70 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।
शॉ ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को जरूरी रन दिलाए। उनके अलावा अंकित बावने ने भी 50 से अधिक रनों की उपयोगी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन से महाराष्ट्र की टीम को मजबूती मिली। घरेलू क्रिकेट में इस तरह की पारियां खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
मोहम्मद शमी की घातक गेंदबाजी, 3 विकेट झटके
रणजी ट्रॉफी के एक अन्य मुकाबले में बंगाल की ओर से खेल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी की। दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में शमी ने 17 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने 9 मेडन ओवर भी फेंके, जिससे उनकी गेंदबाजी में नियंत्रण और अनुशासन साफ दिखाई दिया।
शमी के अलावा आकाश दीप ने 17 ओवर में 74 रन देकर 2 विकेट लिए। वहीं, आमिर गनी ने 12 ओवर में 44 रन खर्च करते हुए 3 बल्लेबाजों को आउट किया। बंगाल के गेंदबाजों के इस प्रदर्शन ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया।
न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले खिलाड़ियों के पास मौका
रणजी ट्रॉफी भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी तकनीक सुधारने और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लय हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच है। आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से पहले घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है।

हालांकि, शुरुआती मैच में खराब प्रदर्शन का मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ी आगामी सीरीज में भी असफल रहेंगे। जायसवाल और राहुल जैसे बल्लेबाजों के पास अपनी गलतियों से सीखने और वापसी करने का अवसर रहेगा। अब देखना होगा कि टूर्नामेंट के अगले मुकाबलों में भारतीय सितारे किस तरह प्रदर्शन करते हैं और कौन अपनी फॉर्म हासिल करने में सफल रहता है।
नोट: प्रकाशन से पहले मैचों के स्कोर, तारीखों और आगामी टेस्ट सीरीज के कार्यक्रम की आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि कर लें।




